यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब असेंबली चुनाव : जनता को मनाने में जुटे नेता, लक्ष्य एक तरीके अनेक
पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 का शंखनाद होने के साथ ही सभी दल प्रचार में जुट गए हैंं। नेताओं का एकमात्र ...और पढ़ें

जेएनएन, जालंधर। विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही प्रचार में भी तेजी आ गई है। सभी पार्टियां प्रचार के लिए अपनी-अपनी रणनीति पर चल रही हैं। शिरोमणि अकाली दल गांव-गांव दस्तक देने की रणनीति पर काम कर रहा है, तो आप का जोर रैलियों पर है। कांग्रेस ने अभी तक कोई बड़ी रैली तो नहीं की है, लेकिन किसान यात्राा, कॉफी विद कैप्टन और कर्ज माफी मुहिम के जरिए वो लोगों तक पहुंच बना रही है।
भाजपा के प्रदेश प्रधान इन दिनों विजय संकल्प यात्रा पर हैं आैैर प्रदेश भर में भ्रमण कर रहे हैं। इसके अलावा, पार्टी कारोबारियों से मुलाकात व दलित सम्मेलन के जरिए भी पार्टी लोगों तक पहुंच बना रही है। इसके अलावा सभी पार्टियां लगातार सोशल मीडिया को भी प्रचार का हथियार बनाए हुए है।
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रैलियों के लाइव वीडियो भी भी जारी हो रहे हैैं और नेता अपने वीडियो संदेश भी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। अकाली दल जहां विकास की फोटो व आंकड़े बयां कर दोबारा सत्ता की मांग कर रहा है, वहीं कांग्रेस भी सत्ताधारी दल की पोल खोलने में पीछे नहीं।
दोआबा, माझा व मालवा में एक-एक रैली करेंगी ममता
चुनाव में पहली बार अपने बूते पर लड़ने वाली तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी गरजेंगी। पूर्व कांग्रेसी सांसद व तृणमूल कांग्रेस की पंजाब इकाई के एडहॉक प्रधान जगमीत सिंह बराड़ ने आप के दोआबा क्षेत्र के 12 वॉलंटियर्स को शुक्रवार को यहां तृणमूल कांग्रेस में शामिल करने के बाद यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में ममता बनर्जी के सूबे के तीनो क्षेत्रों दोआबा, माझा व मालवा में एक-एक रैली को संबोधित करने की योजना है। इस कार्यक्रम के बारे में पार्टी के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट मुकुल राय अपनी अमृतसर की दस जनवरी की प्रस्तावित यात्रा के दौरान सही खुलासा करेंगे। सिर्फ रैलियों की बात करें तो आप इसमें बाजी मार रही है। पार्टी लगातार हफ्ते में दो से तीन रैलियां कर भीड़ जुटाने पर जोर दे रही है।
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बरनाला जिले तीन, नवांशहर में तीन पटियाला में तीन, तरनतारन में एक, पठानकोट में दो, अमृतसर में नौ, फरीदकोट में चार, होशियारपुर में पांच, मानसा में आठ व कपूरथला दो रैलियां हो चुकी हैं। उनके सांसद भगवंत तो एक-एक दिन में तीन-तीन जगहों पर जाकर रैलियां कर रहे हैं। कहीं-कहीं तो उनकी रैली रात को आठ बजे के बाद भी शुरू होती है। इस समय तक दूसरी पार्टियां व उनके वॉलंटियर्स अगले दिन की रणनीति बनाने में जुटे होते हैं।
कांग्रेस की 40 टिकटों की घोषणा नहीं होने के कारण अभी वह प्रचार में थोड़ा पीछे है। पर कैप्टन लगातार लोगों व दूसरी पार्टियों के नेताओं व वॉलंटियर्स को कांग्रेस से जोड़ने में जुटे हैं। रोज वे किसी न किसी पार्टी के वर्करों को कांग्रेस का हाथ थमा रहे है। जबकि उन्हीं की पार्टी के मनप्रीत बादल ने घर-घर जाकर प्रचार शुरू कर दिया है। राजा वडिंग व राजिंदर कौर भट्ठल भी रोड शो कर अपनी शक्ति दिखाने में पीछे नहीं हट रहीं।
प्रत्याशी घोषित किए जा चुके लोकल नेता भी अपने स्तर पर प्रचार में जुटे हैं। कांग्रेस ने अभी तक कोई बड़ी रैली तो नहीं की है, लेकिन कैप्टन मोबाइल एप व अन्य साधनों से युवाओं पर फोकस कर रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल की कमान मुख्य रूप से प्रकाश सिंह बादल उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के हाथ में है। आचार संहिता लागू होने तक मुख्यमंत्री लगातार संगत दर्शनों के माध्यम से लोगों के बीच जाते रहे। मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर मोगा में शिअद ने बड़ी रैली की थी। उसके बाद से अभी तक उन्होंने बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया, लेकिन विकास के नाम का उनका प्रचार सबसे आगे है, जिसका किसी भी पार्टी के पास जवाब नहीं होता। उनकी सहयोगी पार्टी भाजपा ने अभी रथयात्रा चला रखीी है। उसके अलावा किसी नेता व पार्टी का बयान सुनने में नहीं मिलता।
