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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

22 साल पहले आतंकी बता एनकाउंटर में मारा, अब अपहरण का केस दर्ज

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Thu, 17 Mar 2016 11:50 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 17 Mar 2016 12:16 PM (GMT+05:30)

पंजाब पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। पुलिस ने 22 साल एक व्‍यक्ति को आतंकवादी बताकर उसको कथित ...और पढ़ें

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बटाला, [राकेश रेखी]। पंजाब पुलिस की साख एक बार फिर दांव पर है। इस बार मामला 22 साल पुराना है। 1994 में पुलिस ने जिस व्यक्ति को आतंकी बताकर मार डाला था, अब उसके अपहरण का मामला दर्ज हुआ। गांव काला अफगाना से लापता सतपाल सिंह के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर 22 साल बाद थाना फतेहगढ़ चडिय़ां में चार अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। घर वालों का आरोप है कि चार लोग उसे जबरदस्ती घर से उठाकर ले गए थे और बाद में आतंकी बताकर पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया।

हाईकोर्ट के आदेश पर चार लोगों पर दर्ज हुआ केस, 1994 में घर से लापता हो गया था सतपाल सिंह

पुलिस ने लिए उसे गुरनाम सिंह बंडाला नामक जो आतंकवादी बताकर एनकाउंटर करने की बात कही थी वह जिंदा निकला था। सतपाल की पत्नी दलबीर कौर ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस पर एडीजीपी क्राइम के नेतृत्व में एसआइटी ने जांच कर बटाला पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए।

यह है मामला

दलबीर कौर ने बताया कि 13 अगस्त, 1994 को उसके पति सतपाल सिंह को घर से उठा लिया गया था। दलबीर कौर ने कहा कि एक मारुति कार में चार लोग आए और उन्होंने कहा कि सतपाल सिंह को बटाला के एसएसपी सीताराम रेड्डी ने जांच के लिए बुलाया है, लेकिन इसके बाद उसके पति का कुछ पता नहीं चला।

पुलिस पर आतंकी गुरनाम सिंह बंडाला बताकर एनकाउंटर में मारने का आरोप

दलबीर कौर ने कहा कि चार दिन बाद पता चला कि सतपाल सिंह को जिला रोपड़ में पुलिस ने आतंकवादी बताकर मार दिया गया है। तब पुलिस ने यही प्रचारित किया था कि मुकाबले में इनामी आतंकवादी और बैंक डकैती के आरोपी गुरनाम सिंह बंडाला मारा गया है।

जिसके नाम से एनकाउंटर किया वह जिंदा निकला

दलबीर के अनुसार इस घटना के कुछ दिनों बाद बंडाला पकड़ा गया, उसे सजा हुई। करीब आठ साल पहले उसने खुद आकर बताया कि जिसे गुरनाम सिंह बंडाला बताकर मारा गया था, वह सतपाल सिंह था। दलबीर कौर ने बताया कि वह इंसाफ के लिए भटक रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ता कैप्टन जीएस संधू के प्रयासों के कारण यह मामला दर्ज हो पाया है। दलबीर कौर ने अपने पति की हत्या करने वालों पर कार्रवाई करके इंसाफ करने की मांग की है।