यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डीआइजी ने अबोहर हत्याकांड को बताया गैंगवार, एक आरोपी काबू
बठिंडा रेंज के डीआइजी अमर सिंह चहल ने कहा कि यहां दलित युवक भीम टांक की हाथ-पैर काटकर की गई ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, अबोहर। बठिंडा रेंज के डीआइजी अमर सिंह चहल ने कहा कि यहां दलित युवक भीम टांक की हाथ-पैर काटकर की गई नृशंस हत्या गैंगवार का परिणाम लगती है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। विक्की पंडित नामक इस आरोपी को राजस्थान के श्रीगंगानगर से पकड़ा गया। वह इस मामले में नामजद 10 आरोपियों में शामिल है।
आरोपी को राजस्थान के श्रीगंगानगर से काबू किया गया
डीआइजी चहल ने सोमवार को बताया कि की अबोहर के संत नगर निवासी भीम टांके की हत्या के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की 20 टीमें रवाना हो चुकी हैं। ये टीमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित चंडीगढ़ व दिल्ली भेजी गई हैं।

अबोहर में हत्याकांड के बारे में जानकारी देते डीआइजी अमर सिंह चहल।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच में यह पता चला है कि दोनों ग्रुप अक्सर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते थे। इन दोनों पार्टियों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। भीम के खिलाफ 11 मामले, गुरजंट सिंह उर्फ जंटा के खिलाफ चार मामले, हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी के खिलाफ चार मामले, राधेश्याम के खिलाफ तीन मामले, वजीर सिंह के खिलाफ एक मामला, गुलाब सिंह के खिलाफ तीन मामले, विक्की के खिलाफ एक मामला व हैप्पी के खिलाफ एक मामला दर्ज है।
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डीआइजी चहल ने कहा कि यह मामला गैंगवार का लगता है। इस मामले में नामजद चार-पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ में ही सारे मामले की हकीकत सामने आ पाएगी और यह साफ हो पाएगा कि इस मामले में किस की साजिश थी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने व पुलिस का सहयोग करने की अपील भी की है।
आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न राज्यों में भेजी गईं पुलिस की 20 टीमें
डीआइजी ने बताया भीम टांक के कत्ल के मामले में रणजीत सिंह उर्फ राना के बयान पर बहाववाला पुलिस ने हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी , ढाणी बिशेषरनाथ के राजा व वजीर सिंह, रामदेव नगरी के राधे श्याम, गुलाब, ठाकुर आबादी क्षेत्र के दविंदर, नई आबादी क्षेत्र के विक्की पंडित, वरियाम नगर के सिमरण, ठाकुर आबादी क्षेत्र के छज्जू, ठाकुर आबादी क्षेत्र के हैप्पी व अन्य कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। बाद में इस मामले में शराब कारोबारी शिवलाल डोडा व अमित डोडा को धारा 120बी के तहत नामजद किया गया, जिनके फार्म हाउस पर यह कांड हुआ था।
डीआइजी चहल ने कहा कि लाेगों से पूछताछ में पता चला कि आराेपी पक्ष ने उनमें पहले से चल रहे झगड़े के समझौते के लिए भीम सैन टांक को बुलाया था। भीम अपने साथियों रणजीत सिंह, गुरजंट सिंह उर्फ जंटा, जसपाल सिंह उर्फ भोला व विजय कुमार वहां गया।
चहल ने बताया कि वे वहां पहुंचे, तो भीम व गुरजंट को बातचीत के लिए अलग कमरे में ले जाया गया। कुछ समय बाद उनको पता चला कि भीम व गुरजंट को बुरी तरह से जख्मी कर आरोपी फरार हो गए हैं। भीम व गुरजंट सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद अमृतसर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में भीम की मौत हो गई। गुरजंट सिंह अमृतसर के अमनदीप अस्पताल में अभी उपचाराधीन है।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग राष्ट्रपति व संसद को भेजेगा रिपोर्ट
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अबोहर के चर्चित भीम हत्याकांड मामले की रिपोर्ट मंगलवार को राष्ट्रपति व संसद को भेजेगा। यह जानकारी आयोग के वाइस चेयरमैन डा. राजकुमार वेरका ने सोमवार को यहां कैनाल विश्राम गृह में दी। वह यहां इस मामले में जांच के लिए आए थे। वेरका ने बताया कि इस बारे में डीआइजी अमर सिंह चहल, एसएसपी इंद्रमोहन सिंह भट्टी व डीसी रविंदर सिंह को तलब किया था।

डीआइजी से हत्याकांड के मामले में पूछताछ करते डा. राजकुमार वेरका।
अधिकारियों से पूछताछ करने के बाद डा. वेरका ने कहा कि इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड की गूंज लोकसभा व राज्यसभा में भी हो चुकी है और बेदर्दी व तालिबानी तरीके से की गई इस हत्या को लेकर पूरा देश चिंतित है। उन्होंने कहा कि पुलिस को तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का समय दिया गया था, लेकिन बड़े दुख की बात है कि इस मामले में पुलिस का सुस्त एवं ढीला रवैया देखने को मिला है। डा. वेरका ने कहा कि मंगलवार को वह दिल्ली जा रहे हैं और जाते ही इस मामले की रिपोर्ट माननीय राष्ट्रपति व संसद को प्रेषित करेंगे।
डीजीपी व प्रधान गृह सचिव को दिल्ली तलब किया
वेरका ने बताया कि इस मामले में पंजाब के डीजीपी व प्रधान सचिव (गृह) को 17 दिसंबर को दोपहर 12 बजे आयोग के दिल्ली स्थित कार्यालय में तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उस दिन तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने की सिफारिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के लिए डीजीपी (क्राइम) व एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) की अध्यक्षता में एक संयुक्त कमेटी गठित करने को भी कहा गया है। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली की आलोचना करते हुए डा. वेरका ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले।
डा. वेरका बाद में भीम टांक के परिवार से भी मिलने गए और अपनी संवेदनाएं जताते हुए आयोग की ओर से पूरी मदद व न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उनके साथ विधायक सुनील जाखड़ भी थे।
डोडा की सुरक्षा नहीं बढ़ाई, नजर रखने के लिए तैनात किए गए पुलिसकर्मी
हत्याकांड मामले में नामजद शराब कारोबारी शिवलाल डोडा की सुरक्षा बढ़ाने के मामले में डीआइजी ने बताया कि कहीं सुबूत न मिटा दिए जाएं, इसलिए पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। फार्म हाउस जहां यह वारदात हुई, में एक एसएचओ के चार माह तक रहने के विषय पर डीआइजी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। इस पर डा. वेरका ने एसएचओ की मोबाइल लोकेशन की पिछले समय की जांच करने के निर्देश दिए।
