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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाबी होगा आप का सीएम उम्मीदवार, पंजाब चुनाव से पहले होगी नाम की घोषणा

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Mon, 15 Mar 2021 08:48 PM (IST)

आप के पंजाब प्रधान भगवंत मान व पार्टी के पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने कहा कि पंजाब में आप का ...और पढ़ें

आप के पंजाब प्रधान भगवंत मान की फाइल फोटो।
आप के पंजाब प्रधान भगवंत मान की फाइल फोटो।

जेएनएन, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान व सांसद भगवंत मान और पार्टी के पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने कहा है कि पंजाब का सीएम पंजाबी होगा और विधानसभा चुनाव से पहले सीएम उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाएगी। दोनों नेता 21 मार्च बाघापुराना में आप की किसान महापंचायत की तैयारियों को लेकर यहां मीडिया से बात कर रहे थे।

भगवंत मान ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के चलते केंद्र सरकार किसानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। एफसीआइ के आगामी सीजन में खाद्यान्नों की गुणवत्ता और रख रखाव के नाम पर फसलों की खरीद के नियमों को सख्त बनाए जाने से इसका पता चलता है। एफसीआइ का प्रस्ताव है कि गेहूं व धान के लिए नमी को 14 फीसद से घटाकर 12 फीसद किया जाए। वहीं, यह तर्क भी दिया है कि गेहूं के साथ अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद न की जाएगी क्योंकि भंडारण के दौरान खाद्य पदार्थ एक दूसरे में मिल जाते हैं। इन नियमों से किसानों की परेशानी बढ़ेगी। पीएम मोदी पंजाब के किसानों का गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं।

मान ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ऐसा कर रही है। हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर कहा गया था कि एमएसपी केवल उन किसानों को दिया जाएगा जिनका भूमि रिकार्ड सरकार के पास है। जबकि पंजाब में 45 फीसद छोटे किसान पट्टे पर जमीन लेकर खेती करते हैं। इससे हजारों किसान एमएसपी के लाभ से वंचित हो जाएंगे। ऐसे नियमों की घोषणा तब की जा रही है जब नई फसल आने में सिर्फ एक महीने का समय बचा है।

मान ने आरोप लगाए कि पीएम मोदी किसानों को आंदोलन करने के कारण दंडित करना चाहते हैं। लेकिन मैं पीएम को बताना चाहता हूं कि पंजाब के किसान इतनी आसानी से हार नहीं मानेंगे। उनका दमन नहीं किया जा सकता। किसानों का जितना दमन करने की कोशिश की जाएगी वह उतना ही मजबूत होकर लड़ेंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के ऐसे अन्याय के खिलाफ आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल 21 मार्च को पंजाब आ रहे हैं और इस दिन किसानों की आवाज केंद्र की सत्ता तक गूंजते हुए पहुंचेगी। जिसके बाद केंद्र सरकार किसानों की बात मानने के लिए मजबूर हो जाएगी।