विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रख्यात पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर का निधन, कोरोना संक्रमण के कारण थे अस्पताल में भर्ती

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Wed, 24 Feb 2021 12:09 PM (IST)Updated: Wed, 24 Feb 2021 04:17 PM (IST)

पंजाब के प्रख्यात गायक सरदूल सिकंदर का मंगलवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। कोरोना संक्रमण के ...और पढ़ें

पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर का निधन। फाइल फोटो
पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर का निधन। फाइल फोटो

मोहाली [रोहित कुमार]। पंजाब के प्रख्यात गायक सरदूल सिकंदर (Sardool Sikander) का मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। 60 वर्षीय सरदूल सिकंदर ने बुधवार सुबह 11:55 बजे अंतिम सांस ली। वह शुगर से पीड़ित थे। 2016 में उनके गुर्दे का प्रत्यारोपण किया गया था। उनका यहां कोविड-19 का इलाज चल रहा था। उनका आक्सीजन लेवल कम होने की वजह से उन्हें 19 जनवरी को फोर्टिस अस्पताल मोहाली में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनका रिकवरी रेट धीमा था। नाजुक होने पर उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया।

सरदूल सिकंदर के निधन का समाचार सुनते ही पंजाब कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके दोस्त, रिश्तेदार व चाहने वाले अस्पताल पहुंच रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सरदूल सिकंदर के निधन पर शोक जताया है। सरदूल ने पंजाबी गायकी को एक मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने बहुत छोटे स्तर से गायन शुरू किया और फिर देश विदेश में नाम कमाया। 

उधर, अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने ट्विटर पर कहा कि पंजाबी प्लेबैक सिंगर सरदूल सिकंदर के निधन की खबर सुनकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उनके जाने से पंजाबी फिल्म और संगीत उद्योग को भारी नुकसान हुआ है। मैं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के लिए प्रार्थना करता हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे!

यह भी पढ़ें: महंगे डीजल से 20 फीसद तक बढ़ी ट्रांसपोर्टरों की लागत, माल भाड़े में 12 से 15 फीसद तक का इजाफा 

सरदूल सिकंदर भाषा के लोक और पॉप संगीत से जुड़े रहे। 1980 के दशक में सरदूल ने अपनी पहली अलबम "रोडवेज दी लारी" निकाली थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सरदूल सिकंदर ने कई हिट गाने दिए। इसके अलावा फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 15 अगस्त 1961 को जन्मे सरदूल सिकंदर ने पंजाबी फिल्म जग्गा डाकू में शानदार अभिनय से अपनी अभिनय कला का लोहा मनवाया।

यह भी पढ़ें: हरियाणा बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस, हुड्डा बोले- MSP की गारंटी का प्राइवेट मेंबर बिल भी आएगा 

सरदूल के पिता स्व. सागर मस्ताना एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। उन्होंने एक विशेष प्रकार के तबले का आविष्कार किया था जो एक पतली बांस की छड़ी से बजाया जाता था। सरदूल की शादी अमर नूरी से हुई, जो एक कुशल गायिका और अभिनेत्री भी हैं। उन्होंने अपने पति की तरह ही कई पुरस्कार हासिल किए। जिला फतेहगढ़ साहिब में खेरी नौध सिंह में जन्मे सरदूल सिकंदर का संगीत के पटियाला घराने से संबंधित रहा।

यह भी पढ़ें: गांधी परिवार के नजदीक रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा विरोधी अशोक तंवर खेलेंगे नई राजनीतिक पारी

सरदूल ने कई अलबम निकाली। 1991 में रिलीज़ हुई उनकी उनके अलबम 'हुस्ना दे मल्को' ने दुनियाभर में धमाल मचाया। इसकी 5.1 मिलियन प्रतियां बेचीं गई। सरदूल के सारंग सिकंदर और अलाप सिकंदर नाम के दो बेटे हैं। सारंग बड़ा बेटा है। वह गायक और संगीत निर्माता है।

यह भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर सरदूल सिकंदर ने 30 जनवरी को मनाई थी शादी की सालगिरह, निधन से सकते में फैंस

यह भी पढ़ें: Covid New Guideline: पंजाब में 1 मार्च से फिर लगेंगी पाबंदियां, नाइट कर्फ्यू का अधिकार डीसी को

यह भी पढ़ें: हरियाणा में डीजीपी मनोज यादव को हटाने की जिद पर अड़े गृह मंत्री अनिल विज, मतभेद के हैं ये 6 कारण