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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लगातार विदेशों में पहुंच रहा चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर, जेनरे की डिजाइन की गई चेयर इटली में 13 लाख में नीलाम

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sat, 05 Dec 2020 06:10 AM (IST)Updated: Sat, 05 Dec 2020 12:39 PM (IST)

चंडीगढ़ के निर्माण के दौरान का हेरिटेज फर्नीचर तस्करी के जरिये लगातार विदेशों में पहुंच रहा है। अब इटली में ...और पढ़ें

जेनरे की डिजाइन की गई चेयर। फोटो नेट से
जेनरे की डिजाइन की गई चेयर। फोटो नेट से

जेएनएन, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के निर्माण में जितना योगदान स्विस आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए का रहा, उसमें बड़ा रोल उनके कजिन पियरे जेनरे ने भी निभाया। उनके कार्यों का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि अब विदेशी नीलाम घर में उनकी बनाई हेरिटेज आइटम को करोड़ों में डील कर रहे हैं। शुक्रवार को जेनरे की 53वीं पुण्यतिथि पर इटली से दुख पहुंचाने वाली खबर आई।

इटली के मिलान शहर में एक नीलाम घर ने जेनरे की डिजाइन छह आइटम 55 लाख रुपये में नीलाम कर दी। इनमें तीन आइटम पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की थी। जिन्हें जेनरे ने पीयू के लिए डिजाइन किया था। पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए जेनरे की डिजाइन दो मॉडल वूड चेयर 13 लाख रुपये में नीलाम हुई।

गृह और विदेश मंत्री को शिकायत

हेरिटेज कजंर्वेशन कमेटी के सदस्य एडवोकेट अजय जग्गा ने नीलामी से पहले ही गृह और विदेश मंत्री को चिट़्ठी लिखकर इसे रोकने के लिए आग्रह किया था। इटली में भारतीय एंबेसी को भी जग्गा ने जानकारी भेजी थी। अब नीलामी होने के बाद भी उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है।

जग्गा ने कहा कि पहले से सूचना होने के बाद भी नीलामी नहीं रुक सकी, बड़े दुख की बात है। एंबेसी के अधिकारियों को कदम उठाना चाहिए था। बड़ा सवाल यह है कि आखिर भारतीय सरहद पार पाबंदी लगी यह वस्तुएं कैसे पहुंच रही हैं। लोकल जांच एजेंसी को इस पर काम करना चाहिए। जग्गा ने कहा कि यूनेस्को से भी इनकी तस्करी रोकने के लिए संपर्क किया जा सकता है।

पिछले महीने भी हुई थी नीलामी

पिछले महीने जेनरे का डिजाइन फर्नीचर इंग्लैंड में नीलाम हुआ था। इसकी भी पहले से सूचना थी। बावजूद इसके नीलामी नहीं रुक सकी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सलाह पर यूटी प्रशासन इन वस्तुओं को सहेजने के लिए सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में हेरिटेज म्यूजियम बना रहा है। इसमें कार्बूजिए और जेनरे की दुर्लभ चीजों को सहेज कर रखा जाएगा। इतना ही नहीं, यूटी प्रशासन हेरिटेज आइटम की गणना के बाद उन पर स्पेशल टैङ्क्षगग भी कर रहा है। जिससे तस्करी को रोका जा सके।

यह फर्नीचर हुआ नीलाम

पियरे जेनरे (पीजे) एसआइ-51ए मॉडल वूड चेयर : 7.08 लाख

पीजे-एसआइ-29ए मॉडल वूड चेयर : 13.44 लाख

पीजे-टीबी-05ए लो टेबल वुडन स्ट्रक्चर ग्लास टॉप : 7.17 लाख

पीजे-एसआइ-29ए आर्मचेयर पेयर : 12.54 लाख

पीजे-एसआइ-68ए मॉडल स्माल वुडन स्टूल : 8.6 लाख

पीजे-एसआइ-55ए मॉडल स्माल वुडन स्टूल : 7.35 लाख