यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इलाहाबाद में कुंभ, काशी-आगरा फुल
कुंभ से इलाहाबाद के साथ-साथ देश भर के पर्यटन को खासा जोरदार फायदा पहुंच रहा है। अभी कल्पवास शुरू होने ...और पढ़ें

इलाहाबाद [एल एन त्रिपाठी]। कुंभ से इलाहाबाद के साथ-साथ देश भर के पर्यटन को खासा जोरदार फायदा पहुंच रहा है। अभी कल्पवास शुरू होने में समय है। अभी कुंभ का मुख्य माह माघ आना बाकी है। इसके पूर्व ही बुकिंग फुल हो चुकी है। इलाहाबाद का कुंभ आगरा, जयपुर, बंगलुरू, मसूरी तक के पर्यटन उद्योग को जबर्दस्त बढ़ावा दे रहा है।
एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एन्ड इन्डस्ट्रीज (एसोचैम) ने कुंभ की वजह से राज्य व उद्योगों को 12 से 15 हजार करोड़ रुपये का फायदा होने का अनुमान लगाया है। एसोचैम का यह आकलन इलाहाबाद अभी से सच होता दिखाई दे रहा है। इलाहाबाद से आसपास के पर्यटक स्थलों खजुराहो, चित्रकूट, विंध्याचल, अयोध्या व वाराणसी पर सर्वाधिक जोर है। इनके लिए बड़ी संख्या में टूर बुक हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश स्थानों से 24 घंटे में जाकर लौटा जा सकता है। अधिक समय के लिए मेले में आ रहे विदेशी पर्यटक इसके साथ ही जयपुर, मसूरी, बंगलुरु, आगरा आदि के टूर पैकेज बुक करा रहे हैं।
इलाहाबाद के शान ट्रेवल्स के हसन नकवी के अनुसार मौका भी है दस्तूर भी। पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रकार का बूम आ गया है। इस एक माह में इलाहाबाद आने वाला हर व्यक्ति आस्था के संगम में डुबकी लगाना चाहता है। साथ ही अन्य पर्यटक स्थलों, ऐतिहासिक, धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों का नजारा भी करना चाहता है। इसने टूर ऑपरेटरों, रेस्टोरेंट और होटलों को खासा फायदा पहुंचाया है।
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