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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत की हार का ओबामा ने मनाया जश्न

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Thu, 25 Feb 2016 09:17 PM (IST)Updated: Thu, 25 Feb 2016 09:58 PM (IST)

विश्‍व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत की हार का अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जमकर बखान किया है।

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वॉशिंगटन। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत की हार का अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जमकर बखान किया है। उन्होंने इसे उल्लेखनीय सफलता करार देते हुए कहा है कि उनका प्रशासन व्यापार नीतियों को लागू करने के लिए आक्रामक तरीके से आगे बढ़ेगा। व्यापार सुविधा और कार्यान्वयन अधिनियम (ट्रेड फैसिलिटेशन एंड ट्रेड इंफोर्समेंट एक्ट) 2015 पर हस्ताक्षर के दौरान उन्होंने यह बात कही।

ओबामा ने कहा कि अमेरिका दूसरे देशों को अमेरिकी कंपनियों और कामगारों को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देगा। इसके लिए व्यापार कानून को तेजी से लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ के सामने किसी भी अन्य सरकार के मुकाबले उनकी सरकार ने ज्यादा मामले पेश किए और सभी मामलों में जीत मिली।

डब्ल्यूटीओ के एक पैनल ने बुधवार को भारत के खिलाफ फैसला सुनाया था। फैसले में भारत की ओर से लगाई गई घरेलू उत्पादकों से खरीदारी की अनिवार्यता को अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव बताया गया था। भारत ने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है।

गौरतलब है कि भारत ने अपने सौर ऊर्जा कार्यक्रम के तहत सोलर कंपनियों के साथ बिजली खरीद समझौते में घरेलू खरीद का प्रावधान कर रखा है। इस शर्त के तहत करार करने वाली सोलर कंपनी को भारत में निर्मित सेल और मॉड्यूल का इस्तेमाल करना होगा। यानी ऐसी कंपनी अमेरिका या किसी अन्य देश से आयातित सौर ऊर्जा उत्पादों या टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं कर सकती हैं।

बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों पर प्रतिबंध

ओबामा प्रशासन ने बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे संबंधित विधेयक पर ओबामा ने गुरुवार को हस्ताक्षर किए। इसके मुताबिक मछली, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोको जैसे उत्पादों के उत्पादन में बंधुआ मजदूरी पर प्रतिबंध होगा। इसका पालन नहीं किए जाने पर ऐसी वस्तुओं का आयात अब नहीं किया जा सकेगा।