यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ट्रंप अफगानिस्तान में अमेरिकी भूमिका में बदलाव के पक्षधर
अमेरिकी विदेश मंत्री टिलरसन के मुताबिक व्हाइट हाउस इन दिनों अफगानिस्तान की स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

मनीला, एएफपी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान में पहले की तरह अमेरिकी भूमिका बनाए रखने के पक्षधर नहीं हैं। वहां पर अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाई जाए या उन्हें पूरी तौर पर वापस बुलाया जाए, इसको लेकर ट्रंप के सलाहकारों की राय बंटी हुई है। यह बात अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कही है।
टिलरसन के मुताबिक व्हाइट हाउस इन दिनों अफगानिस्तान की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। वहां पर 16 साल तक युद्ध जैसी स्थितियों से जूझने के बाद फायदों पर चर्चा हो रही है। समीक्षा में ही अमेरिकी प्रयासों को लेकर ट्रंप ने सुरक्षा सलाहकारों से कई तीखे सवाल किये।
उन्होंने जानना चाहा कि इतने लंबे प्रयासों का कितना फायदा मिला। विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए टिलरसन ने अपनी राय तो जाहिर नहीं की लेकिन यह बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अब अफगानिस्तान में पहले जैसी लड़ाई के पक्षधर नहीं हैं। यह मसला कितना महत्वपूर्ण है, यह इसी से समझा जा सकता है कि इस मुद्दे पर राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद तीन बार चर्चा के लिए बैठी। उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप से अलग से इस मुद्दे पर वार्ता की।
इसके बाद राष्ट्रपति ने कई चुभते हुए सवाल पूछे। निश्चित रूप से वे पूछे जाने चाहिए थे। ट्रंप ने पूछा कि इतने वर्षो तक अमेरिका और नाटो की फौजों के सक्रिय सहयोग के बावजूद अफगान फौज क्यों नहीं अब तक तालिबान से सभी इलाकों को छीन पाई। यह स्थिति कब तक रहेगी। ऐसे सवाल पहले कभी नहीं पूछे गए। इसलिए उन सवालों पर काम करने की जरूरत है। अफगानिस्तान में इस समय 8,400 अमेरिकी सैनिक और 5,000 नाटो गठबंधन के सैनिक तैनात हैं।
