यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेनतीजा रहे प्रयास, अमेरिका नहीं रोक पाया प्योंगयांग का परमाणु हथियार कार्यक्रम
जापान दौरे पर पहुंचे अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अमेरिकी प्रयासों की विफलता स्वीकार की। उन्होंने कहा कि चीन को इस अड़ियल पड़ोसी को रोकना चाहिए।

टोक्यो, एएफपी। अमेरिका ने कहा है कि दो दशकों के कूटनीतिक प्रयास से भी उत्तर कोरिया की परमाणु अभिलाषा पर काबू नहीं पाया जा सका है। उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर काबू पाने के लिए नया रुख अपनाने की जरूरत है।
जापान दौरे पर पहुंचे अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अमेरिकी प्रयासों की विफलता स्वीकार की। उन्होंने कहा कि चीन को इस अड़ियल पड़ोसी को रोकना चाहिए। इस बयान से अमेरिकी विदेश मंत्री ने वाशिंगटन के एशियाई सहयोगियों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है। लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पूर्व की नीतियों और दंड का प्योंगयांग की अभिलाषा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
यह भी पढ़ें: किम जोंग हत्या मामले में चार उत्तर कोरियाई नागरिकों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस
जापान के विदेश मंत्री फुमिओ किशिदा के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए टिलरसन ने कहा, 'यह स्वीकार करना जरूरी है कि पिछले 20 वर्षो के दौरान उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार विहीन करने के कूटनीतिक एवं अन्य प्रयास बेनतीजा रहे। लगातार बढ़ते खतरे से स्पष्ट है कि नया रुख अपनाने की जरूरत है।'
टिलरसन ने कहा कि जापान और उत्तर कोरिया का अमेरिका साथ देता रहेगा। लेकिन उन्होंने उत्तर कोरिया की जनता के सामने एक शांति प्रस्ताव भी रखा।
टिलरसन ने प्रधानमंत्री शिंजो एबी के साथ मुलाकात की। बैठक के शुरू में उन्होंने जापान के विदेश मंत्री से कहा, 'अमेरिका-जापान गठबंधन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थायित्व में महत्वपूर्ण बना हुआ है।' किशिदा ने अमेरिकी सहयोग के लिए टिलरसन को धन्यवाद दिया। जापान के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री दक्षिण कोरिया और चीन भी जाएंगे।
