यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नाटो की तरफ इस्लामिक देशों की सेना बनाना चाहता है सउदी अरब
सउदी अरब द्वारा प्रस्तावित इस्लामिक देशों की ये संयुक्त सेना किसी खास देश के खिलाफ नहीं बल्कि आइएस और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी।

रियाद। आतंकवाद से लड़ने के लिए सउदी अरब ने भी नाटो सेना की तरह इस्लामिक देशों की एक सेना बनाने का प्रस्ताव रखा है।
पाकिस्तान के एक समाचार चैनल के मुताबिक सउदी अरब द्वारा प्रस्तावित इस्लामिक देशों की ये संयुक्त सेना किसी खास देश के खिलाफ नहीं बल्कि आइएस और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी।
इस्लामिक बहुल वाले 34 देशों की संयुक्त सेना का ढाचा विकसित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान को दी गई है। इस बाबत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहिल शरीफ तीन दिन तक चले संयुक्त सेना अभ्यास में शामिल होने सउदी अरब गए थे।
आतंकवादी हमले से बेहतर तरीके से युद्ध लड़ने के लिए बेहतर तैयारियों के लिए 21 देशों की सेनाओं ने उत्तरी सउदी अरब में हुए युद्धाभ्यास कैंप में हिस्सा लिया था।
हालांकि अभी ये तय नहीं है कि इस्लामिक देशों के इस सैन्य गठबंध में शिया बहुल इरान को शामिल किया जाएगा या नहीं क्योंकि इरान और सउदी अरब आपस में दुश्मन हैं।
