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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान और रूस में बढ़ती नजदीकियों ने अमेरिका को किया बेचैन

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Tue, 13 Sep 2016 04:27 PM (IST)Updated: Tue, 13 Sep 2016 09:00 PM (IST)

मास्को में पाकिस्तान के राजदूत ने साल के अंत में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने की बात कही थी। रूस से ...और पढ़ें

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इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान और रूस के बीच बढ़ती नजदीकी से अमेरिका की बेचैनी बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच पहली बार संयुक्त सैन्य अभ्यास की खबरों के बीच वाशिंगटन ने इस्लामाबाद को दी जाने वाली आर्थिक मदद जारी रखने की बात कही है।

मास्को में पाकिस्तान के राजदूत ने साल के अंत में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने की बात कही थी। रूस से लड़ाकू विमान खरीदने की भी चर्चा है। ऐसे में अमेरिका की बेचैनी बढ़नी स्वाभाविक है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग ने इस्लामाबाद को लंबे समय तक सहायता राशि देने की बात कही है।

दूसरे सबसे बड़े आतंकी गुट से समझौते के करीब अफगान सरकार

अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा, 'पाकिस्तान से अफगानिस्तान पर हमले करने वाले आतंकी समूहों के खिलाफ किए जा रहे प्रयास को दोगुना करने को कहा गया है। ये गुट दोनों देशों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। पाकिस्तान के साथ नागरिक संबंध और सुरक्षा सहायता मुहैया कराने से अमेरिका को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर साथ काम करने का मौका मिलता है। खासकर ऊर्जा, आर्थिक विकास, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में। इसे देखते हुए सहायता कार्यक्रम आगे भी जारी रखे जाएंगे।'

अमेरिका ने आतंकी गुटों की गतिविधियों पर लगाम लगाने में पाकिस्तानी सेना के प्रयासों की सराहना भी की है। मालूम हो कि एफ-16 लड़ाकू विमान और विशेष आर्थिक मदद मुहैया नहीं कराने से वाशिंगटन और इस्लामाबाद के रिश्ते तल्ख हो चुके हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान, रूस से हाथ मिला रहा है।

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