यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाकिस्तानी चैनलों में अब दिखाई जाएंगी भारतीय फिल्में
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पीईएमआरए) की ओर से कोर्ट में पेश रिपोर्ट के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।

लाहौर, प्रेट्र। पाकिस्तानी दर्शक अब चैनलों पर भारतीय फिल्में देख सकेंगे। लाहौर उच्च न्यायालय ने रोक हटाते हुए निजी चैनलों को फिल्म दिखाने की अनुमति दे दी है। चीफ जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह ने सोमवार को अंतरिम आदेश में कहा कि वे देश के नियामक प्राधिकरण के साथ समझौते की शर्तो के अनुरूप भारतीय फिल्में दिखा सकेंगे।
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पीईएमआरए) की ओर से कोर्ट में पेश रिपोर्ट के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। शाह ने यह अंतरिम आदेश लियो कम्युनिकेशन की ओर से दायर याचिका पर पारित किया। इसमें केबल टेलीविजन नेटवर्क पर भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण पर लगी रोक को चुनौती दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैध लाइसेंसधारी टीवी चैनलों को भारतीय फिल्मों के प्रसारण की अनुमति मिलनी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील तफ्फजुल रिजवी ने कोर्ट में दलील दी कि चैनलों को भारतीय धारावाहिक प्रसारित करने की भी अनुमति होनी चाहिए। ये भी पीईएमआरए के साथ हुए लाइसेंस समझौते के तहत मनोरंजन की परिभाषा में शामिल हैं।
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गौरतलब है कि पीईएमआरए ने पिछले साल अक्टूबर में निजी चैनलों पर भारतीय फिल्मों के प्रसारण को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था। हाल ही में पाकिस्तान के सिनेमाघरों में भारतीय फिल्मों को दिखाने की भी अनुमति मिली थी। कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच संबंध बिगड़ गए थे। इसके चलते पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों का प्रसारण बंद कर दिया था।
