यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेरिका में मुस्लिम परिवार को सुरक्षा कारण बताकर प्लेन से उतारा गया
शिबले ने जब पायलट से ये पूछा कि क्या ये भेदभाव से भरा फैसला नहीं है तो पॉयलट ने कहा कि ये प्लेन की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।

न्यूयॉर्क। वाशिंगटन से शिकागो जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की एक फ्लाइट से सफर कर रहे एक मुस्लिम परिवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर फ्लाइट से उतार दिया गया।
यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट से सफर कर रहे इमाम-एमी-साद शिबले, उनके पति और तीन बच्चों को पॉयलट और फ्लाइट अटेंडेट ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर फ्लाइट से नीचे उतार दिया।
दरअसल परिवार ने फ्लाइट अडेंडेट से पूछा था कि क्या वो उनके और उनके बच्चें के लिए पांच प्वाइंट वाली सीट मुहैया करा सकते है।
इसके बाद फ्लाइट अटेंडेट और पॉयलट ने पूरे परिवार को प्लेन से नीचे उतर जाने को कहा। शिबले ने जब पायलट से ये पूछा कि क्या ये भेदभाव से भरा फैसला नहीं है तो पॉयलट ने कहा कि ये प्लेन की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन ने यूनाइटेड एयरलाइंस को पत्र लिखकर इस मामले में दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि मुसलमान होने की वजह से लोगों को प्लेन से नीचे उतार देने की घटना से वो बुरी तरह परेशान और आहत हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का मकसद यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करना है ना कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें परेशान करना और फ्लाइट से बाहर निकाल देना है।
इस घटना से आहत शैबले ने भी फेसबुक पर यूनाइटेड एयरलाइंस के खिलाफ लेखा कि मुझे और मेरे परिवार को बिना किसी वजह के प्लेन से बाहर निकालने पर यूनाइटेड एयरलाइंस को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे इतने छोटे हैं कि वो इस बात को नहीं समझ सकते कि उनके साथ क्या हुआ है। उन्होंने बताया कि वो अपने बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे थे।
मामले को तूल पकड़ता देख यूनाइटेड एयरलाइंस ने शैबले और उनके परिवार से मांफी मांगी है।
