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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत को दुनिया में पूरी तरह से खुली अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं: पीएम मोदी

By kishor joshiEdited By:
Published: Fri, 11 Nov 2016 04:53 AM (IST)Updated: Fri, 11 Nov 2016 02:36 PM (IST)

जापान की कंपनियों के सीईओ काेे संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि वह भारत में जापानी निवेशकों को उचित और अनुकूल वातावरण देने के लिए वचनबद्ध हैं।

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टोक्यो (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापान की प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने आईजेबीएलएफ की बैठक को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और जापान मिलकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकत हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक निर्माण और बढ़ते बाजार की वजह से एशिया वैश्विक विकास में नए केंद्र के तौर पर उभरा है, ऐसे में एशिया के उद्भव में भारत और जापान को मिलकर अपनी भूमिका अदा करनी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री श्री योशिरो मोरी, विदेश मंत्री फूमियो किशिदा और जापान के व्यापार और उद्योग मंत्री हिरोशिग से भी मुलाकात की।

तेजी से विकास करती इकॉनमी है भारत

टोक्यो में पीएम ने इस बात का जिक्र किया कि साल 2015 में भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की तुलना में तेज गति से बढ़ी है। भारत और जापान की मजबूती एशिया और पूरे विश्व के स्थाई विकास के लिए जरूरी है।पीएम ने कहा कि कम मजदूरी, बड़ा घरेलू बाजार और वृहद आर्थिक स्थिरता के साथ भारत निवेश के लिए बेहतर देश है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब वे भारत को दुनिया में पूरी तरह से खुली अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि विदेशी निवेश के क्षेत्र में जापान चौथे पायदान पर है। भारत को स्केल, स्पीड और स्किल के लिए जापान के सहयोग की जरूरत है। पीएम ने कहा भारत ने व्यापार को आसान बनाने के लिए अहम कदम उठाए हैं।

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भारत-जापान को मिलकर काम करना होगा

इस दौरान उन्होंने भारत को स्केल, स्पीड और स्किल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए जापान की महत्वपूर्ण भूमिका को काफी सराहा। उन्होंने कहा कि वह भारत को विश्व की सबसे खुली अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। साथ ही पीएम मोदी ने सस्ती श्रम शक्ति, बड़ा घरेलू बाजार और मैक्रो इकोनॉमिक स्थायित्व से भारत में निवेश करने का बेहतरीन मौका बताया। पीएम मोदी ने कहा कि एशिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत-जापान को मिलकर काम करना होगा।

भारत में निवेश की अपील

इस दौरान उन्होंने जापान के साथ वर्षों से अपने सहयोग और दोस्ताना संबंधों का भी जिक्र किया। अपने संबोधन में उन्होंने मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुुए जापानी कंपनियों से भारत में निवेश करने की भी अपील की। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि वह भारत में निवेश का बेहतर वातावरण देने के साथ ही अन्य सुविधाएं भी देंगे। कंपनियों के सीईओ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जापान का सॉफ्टवेयर और भारत का हार्डवेयर मिलकर दुनिया में धमाल मचा सकते हैं।

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मेड इन इंडिया, मेड बाय जापान

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मेड इन इंडिया और मेड बाय जापान मिलकर बेहतर काम कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में जापान भारत मे चौथा बड़ा निवेशक है, जो कई क्षेत्रों में काम कर रहा है। यह बात न सिर्फ भारत में अपार संभावनाओं को दर्शाने में सहायक है बल्कि भारत की बेहतर पॉलिसी को भी दर्शाती है।

आईजेबीएलएफ में पीएम मोदी के संबोधन की अहम झलकियां

- मेड इन इंडिया और मेड बाई जापान के गठबंधन ने कमाल का काम किया है-पीएम मोदी
- पीएम मोदी ने कहा कि जापान के उद्योग जगत का भारत में स्वागत है।
- जापान में IJBLF बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि भारत व्यापार के लिए उचित जगह है, सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं

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जापान के सम्राट से की मुलाकात

इससे पूर्व उन्होंने जापान के सम्राट अकीहितो से मुलाकात द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उनके टोक्यो प्रवास के दौरान भारत और जापान के बीच 12 अहम समझौते होंगे। बहुत संभव है कि दोनों देशों के बीच परमाणु करार भी हो जाए। मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के बीच शुक्रवार को होने वाली शिखर वार्ता में इन समझौतों पर दस्तखत होंगे।

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