यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्रिटिश सांसदों ने पाक पर भारत में घुसपैठ रोकने का दबाव बढ़ाया
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और वहां से भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने के खिलाफ ...और पढ़ें

लंदन। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और वहां से भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने के खिलाफ ब्रिटेन के चार सांसदों की ओर से लाए गए उस प्रस्ताव के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान इस भू भाग में 1948 के पहले वाली स्थिति बहाल करे। अब इस प्रस्ताव का समर्थन विपक्षी लेबर पार्टी के नए प्रमुख जेरेमी कॉर्बिन ने भी कर दिया है।
बीते सप्ताह एक अप्रत्याशित पहल के तहत ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में सत्तापक्ष समेत चार दलों के सांसदों-बॉब ब्लैकमैन, क्रिस लॉ, जिम शैनोन और भारतीय मूल के सांसद वीरेंद्र शर्मा ने एक प्रस्ताव लाकर कैमरन सरकार से मांग की थी कि वह पाकिस्तान पर आतंकियों को समर्थन देने और भारत में उनकी घुसपैठ बंद कराने के लिए दबाव बनाए।
प्रस्ताव में पाक के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के सुनियोजित हनन की निंदा भी की गई थी। यह प्रस्ताव सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन लाए थे। पिछले एक सप्ताह में इस प्रस्ताव को पांच और ब्रिटिश सांसदों ने अपना समर्थन दिया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम जेरेमी कॉर्बिन का है, जिन्होंने हाल में लेबर पार्टी की कमान संभाली है।
