यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत-रूस संबंध चट्टान की तरह मजबूत: सुषमा
सुषमा इन दिनों रूस की यात्रा पर हैं। उन्होंने यहां भारत-रूस बिजनेस डायलॉग के तहत ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लिया।

व्लादीवोस्टक, प्रेट्र। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत और रूस के संबंध को चट्टान से भी मजबूत बताया है। रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता है। सुषमा ने रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भी बात कही है। उन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय निवेशकों को बेहतर मौका मुहैया कराने को लेकर रूसी सरकार से सहयोग की अपेक्षा की है।
सुषमा इन दिनों रूस की यात्रा पर हैं। उन्होंने यहां भारत-रूस बिजनेस डायलॉग के तहत ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लिया। सुषमा ने कहा, 'भारत ने रूस के तेल क्षेत्र में 5.5 अरब डॉलर (करीब 35,289 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। भारत में रूस का सबसे बड़ा 12.9 अरब डॉलर (82,769 करोड़ रुपये) का निवेश भी तेल क्षेत्र में ही है। अगस्त में रोसनेफ्ट और एस्सार के बीच हुआ करार भारत में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। राजनीतिक तौर पर भी भारत और रूस के बेहतरीन संबंध रहे हैं। दोनों देश पिछले सात दशकों से एक-दूसरे के साझीदार हैं और इसका हर क्षेत्र में विस्तार हुआ है।'
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं इसे (द्विपक्षीय वार्ता) भारत और सुदूर-पूर्व क्षेत्र के साथ भारत के बढ़ते आर्थिक संबंध के तौर पर देखती हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि रूसी सरकार इस क्षेत्र में भारतीय निवेशकों का सहयोग करेगी।'
