यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत सिंधु जल समझौता एकतरफा नहीं तोड़ सकता : पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल समझौता किसी समय-सीमा या घटना से नहीं बंधा है।

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल समझौते को भारत एकतरफा नहीं तोड़ सकता है। और ना ही वह अपनी तरफ से इस समझौते में कोई रद्दोबदल कर सकता है। इस जल संधि से दोनों देश बंधे हुए हैं और इससे बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल समझौता किसी समय-सीमा या घटना से नहीं बंधा है। इस समझौते के अनुच्छेद 12 के दो उप प्रावधान 3 और 4 के तहत इस समझौते में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है और नाही इसे कोई भी एक पक्ष तोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के समझौते को तोड़ देने के दावे पर गौर करना चाहिए। चूंकि यह भारत की ओर से समझौते का उल्लंघन है। पाकिस्तान हालात पर नजर रखे हुए है और रुख देखते हुए उपयुक्त जवाब देगा।
यह पूछे जाने पर कि चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी की एक सहायक नदी का रास्ता रोक दिया है, उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में पता नहीं है।
एकतरफा समझौता रद नहीं कर सकता भारत: नवाज शरीफ
पाक संसद का नापाक बयान, कश्मीर भारत का अंग नहीं
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी संसद ने भारत के कश्मीर को उसका अभिन्न अंग बताने के दावे को खारिज कर दिया है। पाक संसद ने ध्वनिमत से यह प्रस्ताव पारित किया है कि भारत के साथ समग्र बातचीत कश्मीर मुद्दे के साथ ही होगी।
पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में शुक्रवार को भारत के साथ मौजूदा तनाव पर चर्चा हुई। इसमें ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया कि कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्वतंत्र जांच की अपील की जाए। यह प्रस्ताव नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पेश किया।
