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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डाक्टरों से पहले ब्रेन कैंसर का पता लगा लेगा यह कंप्यूटर प्रोग्राम

By Monika minalEdited By:
Published: Sat, 17 Sep 2016 03:57 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 17 Sep 2016 04:20 PM (GMT+05:30)

भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं के दल ने एक कंप्‍यूटर प्रोग्राम विकसित किया है जो ब्रेन कैंसर का पता लगा लेगा।

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न्यूयॉर्क, (आइएएनएस)। कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से प्राणघातक ब्रेन कैंसर का समय रहते पता लगाना संभव है। भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं के दल ने इसे विकसित किया है। इसकी मदद से डॉक्टरों से पहले ब्रेन कैंसर का पता लगा लिया गया।

शोधकर्ताओं ने बताया कि नए कंप्यूटर प्रोग्राम से ब्रेन कैंसर का दो गुना ज्यादा सटीकता के साथ पता लगाना संभव है। केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी (क्लीवलैंड) में असिस्टेंट प्रोफेसर पल्लवी तिवारी ने इसका नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि ब्रेन कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती रेडिएशन का विनाशकारी प्रभाव और कैंसर के दोबारा सक्रिय होने के बीच फर्क करना है। एमआरआइ में ये दोनों समान दिखते हैं।

मौजूदा समय में इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टरों को अपना पूरा अनुभव झोंकना पड़ता है। बकौल पल्लवी, नए कंप्यूटर प्रोग्राम से न केवल इस समस्या से मुक्ति मिलेगी बल्कि बायोप्सी से भी छुटकारा मिल जाएगा। मालूम हो कि ब्रेन कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी करने के घातक दुष्प्रभाव होते हैं। साथ ही यह महंगा भी होता है।

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