यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IS ने आग में झोंका, लड़की ने मरने से पहले कहा- 'मां इन्हें माफ कर देना'
आंखें मूंदने से पहले उसने परिवार से कहा कि इन आतंकियों को माफ कर दिया जाए। यह घटना इराक के मोसूल शहर की है।

बगदाद। आइएसआइएस आतंकियों ने अपनी क्रूरता का परिचय देते हुए महज 12 साल की ईसाई लड़की को आग के हवाले कर दिया। इस वहशियाना हमले में लड़की बच तो नहीं सकी लेकिन मरते-मरते वह कुछ ऐसा कह गई जिससे वह अपने आप में मिसाल बन गई।
आंखें मूंदने से पहले उसने परिवार से कहा कि इन आतंकियों को माफ कर दिया जाए। यह घटना इराक के मोसूल शहर की है। असल में ये आतंकी ईसाई परिवार से धार्मिक कर वसूलने आए थे। लड़की की मां ने बताया कि आतंकियों ने उनके सामने दो रास्ते रखे। पहला ये कि कर चुकाएं या शहर ही छोड़कर चले जाएं।
लड़की की मां ने आतंकियों से कहा कि वह कर अदा करने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि उनकी बेटी नहा रही है। इस बात पर आतंकी फट पड़े और बजाय इंतजार करने के उन्होंने पूरा घर आग के हवाले कर दिया।
हालांकि घर में आग लगने पर मां व बेटी दोनों ने इससे बचने की भरपूर कोशिश की और वे कामयाब भी हो गए लेकिन लड़की अधिक जल गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। मानवाधिकार कार्यकर्ता जैकलीन इसाक ने बताया कि लड़की की मां ने बेटी को बचाने की पूरी कोशिश की।
वह उसे झट से अस्पताल ले गई लेकिन बर्न केस बिगड़ा हुआ होने के कारण लड़की ने वहीं दम तोड़ दिया। मौत से पहले लड़की ने मां से कहा कि आतंकियों को माफ कर देना।
