यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम का समर्थक नहीं
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि चीन को भी यह आभास हो गया है कि उत्तर कोरिया उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।

बीजिंग (रायटर/प्रेट्र)। उत्तर कोरिया मसले पर चीन ने कहा है कि संबद्ध पक्ष ऐसा कुछ भी नहीं करें जिससे कोरिया प्रायद्वीप में तनाव बढ़े। उत्तर कोरिया के ताजा बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण की चीन पहले ही निंदा कर चुका है। यह बात चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने कही है। इस बीच एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि चीन को भी एहसास हो गया है कि उत्तर कोरिया उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है।
विदेश मंत्री ने कहा, उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निर्देश का उल्लंघन है। यह कहने में हमें संकोच नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। लेकिन साथ ही संबद्ध देशों से यह भी कह रहे हैं कि वे ऐसा कुछ भी न करें जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़े। वांग ने यह बात मनीला में इसी सप्ताह होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले कही है।
इस बैठक में कोरिया प्रायद्वीप से नजदीक के सभी देशों के विदेश मंत्री भाग लेंगे। इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन भी हिस्सा लेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में प्रस्ताव पारित करके चीन से उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की सिफारिश की जाएगी। टिलरसन पहले ही साफ कर चुके हैं कि अमेरिका उत्तर कोरिया में किम जोंग उन को सत्ता से हटाना नहीं चाहता है। वह शांतिपूर्ण प्रयासों से उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार विकास कार्यक्रम को रोकना चाहता है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने टिलरसन के इस बयान को साहसी बताया है।
चीन हो सकता है ज्यादा प्रभावी
अमेरिका की कार्यकारी सहायक विदेश मंत्री सूसन थॉर्नटन ने कहा है कि उत्तर कोरिया के चलते चीन को भी अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उत्तर कोरिया की 90 फीसद अर्थव्यवस्था चीन पर आधारित है। इसलिए किसी अन्य देश की अपेक्षा उस पर दबाव डालने में चीन ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है। हम इसी दिशा में चीन के साथ मिलकर कार्य करना चाहते हैं।
