यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक साल से भूख प्यास भूल चुका है यह बच्चा
नन्हे जोन्स को एक साल से भूख-प्यास नहीं लगी है। तमाम कोशिश के बाद भी अमेरिकी डॉक्टर जोन्स की बीमारी ट्रेस नहीं कर सके हैं।

लंदन। एक साल पहले 12 वर्षीय जोन्स को भूख और प्यास का अहसास होना बंद हो गया। उसकी इस रहस्यमयी बीमारी को पकड़ पाने में पांच बड़े अस्पतालों के डॉक्टर भी नाकाम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपने प्रकार का दुनिया में इकलौता मामला है। 'डेस मोइनेस रजिस्टर' वेबसाइट की खबर के अनुसार, एक साल पहले 14, अक्टूबर 2013 की सुबह जब जोन्स सोकर उठा तो उसने भूख और प्यास की अनुभूति खो दी थी। जबकि पिछली रात उसने एक पिज्जा और आइसक्रीम खाई थी। यही नहीं उसने अपनी पसंदीदा बाइक से बाहर जाना और पार्क में दोस्तों व भाई के साथ खेलना भी बंद कर दिया। वह बीमार रहता है और दिन में करीब चौबीसों घंटे उसे चक्कर आते रहते हैं। वाटरलू निवासी जोन्स के माता पिता माइकल और डेबी अपने बेटे की बीमारी का पता लगाने और इलाज के लिए अमेरिका के अलग अलग पांच शहरों में गए लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। फिलहाल अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ जोन्स की जांच करने पर विचार कर रहा है। इस संस्थान को केवल दुर्लभ बीमारियों की जांच के लिए ही जाना जाता है। जोन्स दोपहर के भोजन में बमुश्किल कभी कभार सैंडविच का एक टुकड़ा और कुछ क्रिस्प खाता है। इसके लिए उसके माता पिता को काफी मशक्कत करनी होती है। रोचेस्टर में मेयो क्लीनिक के विशेषज्ञों का मानना है कि जोन्स का मामला दुर्लभ है। यह दुनिया का अपने प्रकार का पहला मामला हो सकता है।
