यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली सरकार ने पेश किया पूर्ण राज्य का ड्राफ्ट बिल, केंद्र से भिड़ंत तय
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज पूर्ण राज्य का ड्राफ्ट बिल मीडिया के सामने पेश किया। इस पर 30 तक लोगों से राय ली जाएगी।

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज पूर्ण राज्य का ड्राफ्ट बिल मीडिया के सामने पेश किया। इसके बाद इस बिल को वेबसाइट पर डालकर कुछ दिनों तक इस पर आम जनता की राय, सुझाव या टिप्पणियां ली जाएंगी। इस पर 30 तक लोगों से राय ली जाएगी।
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केजरीवाल का केंद्र पर हमला- 'मोदी जी अड़ंगे लगाएं पर हम भटकेंगे नहीं'
पूर्ण राज्य का ड्राफ्ट बिल मीडिया के सामने पेश करने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी की सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी चाहें कितने ही अड़ंगे क्यों न लगाएं हम अपने मुद्दों से नहीं भटकेंगे वाले नहीं।
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पत्रकार वार्ता के दौरान केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'भाजपा दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का वादा भूल गई है। उन्होंने 1993 और 2003 के घोषणापत्र में पूर्ण राज्य की मांग की थी।'
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की पैरवी कर रहे थे।
20 साल पहले सभी ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का वादा किया था। भाजपा तो पहले से ही ये मांग करती आई है हम भी वही कर रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि 'फुल स्टेटहुड ड्राफ्ट बिल आज शाम को आएगा। इसमें सभी जानकारियां होंगी। मेरे पास आकर लोग कहते हैं कि हमने आपको चुना है, काम आप करिए, हमने पुलिस के लिए वोट नहीं दिया है।
वहीं मंगलवार को दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव के नतीजों पर भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने खुशी जताई।उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का पहली बार में ही खाता खुल गया, जबकि बीजेपी के सिर्फ तीन मेयर हैं।
पूर्ण राज्य होने से कई समस्याएं होंगी खत्म
आम आदमी पार्टी का चुनावी वादा था कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश करेगी साथ ही दिल्ली में बीते एक साल में जिस तरह से केंद्र सरकार के साथ दिल्ली सरकार की अधिकारों की लड़ाई चली है उससे दिल्ली सरकार के पास ये कहने का मौका है कि पूर्ण राज्य होने से ये सभी समस्याएं खत्म हो सकती हैं इसलिए दिल्ली को पूर्ण राज्य होना चाहिए।
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केजरीवाल सरकार का राजनीतिक दांव
कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार का यह राजनीतिक दांव है। माना जा रहा है जब भाजप पूर्ण राज्य के पक्ष में नहीं है तो दिल्ली की सरकार विधानसभा से पूर्ण राज्य का बिल पास करा भी ले तो भी कुछ नहीं होने वाला। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि बिना केंद्र सरकार की मंज़ूरी के दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं बन सकता। ऐसे में पूर्ण राज्य के लिए की जा रही कवायद बीजेपी को घेरने का केजरीवाल सरकार का दांव ही कहा जाएगा।
