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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत के दबाव से परेशान पाक ने आर्मी बेस में शिफ्ट किए 17 आतंकी शिविर !

By Monika minalEdited By:
Published: Mon, 26 Sep 2016 01:27 PM (IST)Updated: Mon, 26 Sep 2016 03:32 PM (IST)

उड़ी हमले के बाद भारत का आक्रामक रवैया देख पाकिस्‍तान परेशान है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ आतंकी ठिकानों को पाक ने अपने आर्मी बेस में शिफ्ट कर दिया है।

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नई दिल्ली। उड़ी हमले के बाद भारत की कूटनीति से पाकिस्तान परेशान हैै। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान खुद को बचाने की जुगत में है। पाक की खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने लश्कर, जैश और हिजबुल के प्रशिक्षण केंद्रों को मौजूदा जगहों से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि आतंकी शिविरों को उसने अपने आर्मी बेस में शिफ्ट कर दिया है।

बदली गयी आतंकी शिविरों की जगह

रिपोर्ट के मुताबिक उड़ी हमले के बाद 16-17 आतंकी कैंपों को उनके मौजूदा जगहों से हटाकर दूसरी जगह पर ले जाया गया है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रशिक्षण केंद्रों को अपनी मौजूदा जगह से हटाकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थांतरित किया गया है। इस काम में पाकिस्तानी आर्मी व इंटर-सर्विस इंटेलीजेंस की मदद ली गयी है। मानसेहरा व मुज्जफराबाद से चलाए जाने वाले चार आतंकी कैंपों को पाकिस्तानी आर्मी की मदद से शिफ्ट किया गया है।

अब गांवों में भी आतंकी

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गांवों में आतंकी शिविरों को शिफ्ट किया गया है, ताकि ग्रामीणों की आड़ में आतंकी गतिविधियां चलती रहे। कुछ आतंकी शिविरों को पाकिस्तानी आर्मी बेस के भीतर जगह दी गयी है। बताया जा रहा है कि ऐसी जगहों पर आतंकी शिविरों को बनाया जाए ताकि भारतीय एजेंसियों द्वारा पहचान में न आ सके। खुफिया सूत्रों ने बताया कि उड़ी हमले के बाद भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक कार्रवाईयों से खुद को बचाने के लिए पाकिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है।

डर गया है पाकिस्तान

उड़ी आतंकी हमले के बाद एलओसी व भारत पाक के बीच की सीमा पर तनाव है। यहां तक कि पाकिस्तान ने पीओके में एयरवेज सर्विस बंद कर दिया है और भारतीय सेना द्वारा संभावित हमले के लिए एयरफोर्स को तैयार रहने को कहा है।

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुए उच्चस्तरीय बैठक में आंतरिक सुरक्षा और कश्मीर घाटी की व्यवस्था के बारे में बात चर्चा की गयी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ, रॉ चीफ व गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अब तक कश्मीर घाटी का माहौल तनावपूर्ण है और वहां हो रहे हिंसक प्रदर्शन में 80 से अधिक लोगों की मौत हो गयी।

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