यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा से दिया इस्तीफा, पहुंचे म्यांमार
योगी आदित्यनाथ अब उप्र विधान परिषद की सदस्यता ले सकते हैं। बसपा के एक और सपा के तीन सदस्यों ने हाल ही में विधान परिषद से इस्तीफा दिया है।

नई दिल्ली(एजेंसी)। करीब चार महीने पहले उप्र के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के बाद लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वह गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से लगातार पांच बार से सांसद रहे।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को इस्तीफ सौंप दिया। योगी आदित्यनाथ अब उप्र विधान परिषद की सदस्यता ले सकते हैं। बसपा के एक और सपा के तीन सदस्यों ने हाल ही में विधान परिषद से इस्तीफा दिया है। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के साथ उनके दोनों उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य इन रिक्त स्थानों के लिए चुने जा सकते हैं।
लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद सीएम योगी म्यामार रवाना हो गए। म्यांमार दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को रविवार को बहनों ने राखी बांधी। अपने म्यांमार प्रवास के दौरान सीएम योगी ने भारतीय समुदाय के साथ समय गुजारा। इस दौरान रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय सेवा समिति की सदस्यों ने सीएम को राखी बांधी।
इस मौके पर सीएम योगी ने म्यांमार के भारतीय समुदाय से भी मुलाकात व बात की। म्यांमार में आयोजित संवाद-2 कार्यक्रम के दौरान सीएम ने सनातन धर्म सेवा संघ के कार्यक्रम को संबोधित किया।
इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने म्यांमार के सुप्रसिद्ध बौद्ध स्तूप श्वेडागोन पगोडा का भ्रमण किया। यहां स्तूप में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के दर्शन किए और विजिटर बुक में अपना संदेश लिखा। यही नहीं उन्होंने मान्यता के अनुरूप स्तूप में लगे विशालकाय घंटे को बजाया भी। अपने इस अनुभव को सीएम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर भी किया गया।
योगी ने दी नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति को बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को बधाई दी है। योगी ने कहा कि उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर वेंकैया का निर्वाचन समाज के सभी वर्गो खासकर किसानों के लिए गौरवपूर्ण है। वेंकैया को सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव है।
अब तक उनको जो भी पद मिला है उसका उन्होंने सफलता पूर्वक निर्वहन किया है। ऐसे व्यक्ति को उपराष्ट्रपति पद के लिए अवसर देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संसदीय दल ने सकारात्मक सोच का परिचय दिया।
