यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गंगा आरती के घाट अब वाई-फाई के साथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अब तक खामोश बैठा संचार महकमा भी जाग उठा है। पीएमओ की पहल ...और पढ़ें

वाराणसी (डा.शैलेन्द्र भारती)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अब तक खामोश बैठा संचार महकमा भी जाग उठा है। पीएमओ की पहल पर बीएसएनएल की दिल्ली से आई टीम ने बुधवार को सर्वे किया। तय हुआ कि दुनिया में गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध दशाश्वमेध व शीतला घाट के पूरे जोन को वाई-फाई सुविधा से युक्त किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दोनों ही घाटों पर देश-विदेश से प्रतिदिन सैकड़ों और कभी-कभी तो हजारों सैलानी जुटते हैं, जिनके पास तरह-तरह के इलेक्ट्रानिक्स उपकरण होते हैं।
यह टीम अपनी रिपोर्ट नई दिल्ली स्थित कारपोरेट आफिस में सीएमडी को सौंपेगी तत्पश्चात घाटों के लिए वाई-फाई जोन बनाने के लिए वरिष्ठ इंजीनियर मंथन करेंगे। वहां से हरी झंडी मिलने पर बनारस के महाप्रबंधक से विस्तृत योजना मांगी जाएगी, फिर शुरू होगा सिस्टम स्थापित करने का सिलसिला।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक मोतीलाल ने बताया कि दोनों घाटों को वाई-फाई जोन में लाने की योजना का प्रारंभिक चरण शुरू हो गया है। सर्वे हो गया है, इसके बाद की प्रक्रिया मुख्यालय में पूरी की जानी है। बीएसएनएल के बनारस क्षेत्र के मंडल अभियंता एचबी शुक्ला ने बताया कि लीज लाइन के माध्यम से घाट पर वाई-फाई का एक मुख्य एंटीना लगाया जाएगा। इसके तीन-चार सब एंटीना होंगे। इन्हीं के जरिए लैपटाप व टेबलेट, इंटरनेट से जुड़ेंगे। एक एंटीना 100 मीटर क्षेत्र को कवर करेगा।
पेड या नान पेड अभी तय नहीं घाटों पर वाई-फाई सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क होगी या इंटरनेट यूज करने का संबंधित व्यक्ति को भुगतान करना होगा, यह अभी तय नहीं है। इसपर प्रधानमंत्री कार्यालय व बीएसएनएल कारपोरेट को निर्णय लेना है।
