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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

...जब इंदिरा ने नाश्ते में मांगी थी गरम जलेबी और मठरी

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Wed, 20 Sep 2017 03:55 PM (IST)Updated: Wed, 20 Sep 2017 05:05 PM (IST)

मैं परेशान हो गया कि जलेबी का प्रबंध कैसे किया जाए? तब एक तहसीलदार ने मुझसे कहा कि सर आप परेशान न हों।

...जब इंदिरा ने नाश्ते में मांगी थी गरम जलेबी और मठरी
...जब इंदिरा ने नाश्ते में मांगी थी गरम जलेबी और मठरी

नई दिल्ली, आइएएनएस। उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आइएएस अधिकारी प्रशांत कुमार मिश्र ने अपनी आत्मकथा में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर एक दिलचस्प घटना का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि 1980 में चुनाव जीतने के बाद इंदिरा मिर्जापुर गई थीं। उस वक्त वह वहां बतौर डीएम तैनात थे।

इंदिरा गांधी ने नाश्ते में गरम जलेबी, मठरी और अचार की मांग कर दी थी, जिससे उनके हाथ-पांव फूल गए थे। वर्ष 1972 बैच के आइएएस अधिकारी प्रशांत मिश्र 41 वर्ष के करियर में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के अलावा केंद्र में भी महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं। उन्होंने 'इन क्वेस्ट ऑफ ए मीनिंगफुल लाइफ' में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मिर्जापुर दौरे का जिक्र किया है।

प्रशांत ने लिखा, 'इंदिरा की पहली यात्रा व्यक्तिगत थी। उन्हें अष्टभुज बंगले में ठहराया गया, जिसकी पूरी व्यवस्था मेरी पत्नी ने की थी। अगली सुबह उन्होंने नाश्ते में गरम जलेबी, मठरी और अचार की मांग कर दी थी। उस वक्त मैं चौंक गया था, क्योंकि मैंने ऐसी कोई तैयारी नहीं की थी। इसके लिए तैयार नहीं था। तब एक तहसीलदार ने मुझसे कहा कि सर आप इस छोटी सी बात के लिए परेशान न हों। उन्होंने विंध्याचल से देसी घी में बनी जलेबी का प्रबंध कराया था।'

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