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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

करोड़ों की संपति छोड़कर दीक्षा लेने जा रहे थे दंपति, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

By Kishor JoshiEdited By:
Published: Wed, 20 Sep 2017 12:53 PM (IST)Updated: Wed, 20 Sep 2017 01:08 PM (IST)

2 साल की बेटी को छोड़कर दीक्षा लेने जा रहे दंपति के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

करोड़ों की संपति छोड़कर दीक्षा लेने जा रहे थे दंपति, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
करोड़ों की संपति छोड़कर दीक्षा लेने जा रहे थे दंपति, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

नईदुनिया (नीमच)। दो साल 10 माह की बेटी इभ्या को छोड़ जैन दीक्षा लेने वाले पिता सुमित व मां अनामिका के खिलाफ मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया गया है।

यह गुहार लगाई है शहर के इंदिरा नगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कपिल शुक्ला ने। उन्होंने राज्य मानव अधिकार आयोग में एक पत्र भेजा है। इसके जरिए उन्होंने 23 सितंबर को गुजरात के सूरत में होने वाली जैन भगवती दीक्षा पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं या कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा चाइल्ड केयर भोपाल और नीमच के कलेक्टर व एसपी को भी पत्र भेजा गया है।

यह है मामला

नीमच शहर के सुमित राठौर (35) व उनकी पत्नी अनामिका (34) 23 सितंबर को सूरत में जैन भगवती दीक्षा ले रहे हैं। वे श्री साधूमार्गी जैन आचार्य रामलाल मसा के सान्निध्य में दीक्षा लेंगे। इसकी खातिर उन्होंने करीब 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और 2 साल 10 माह की बेटी इभ्या का परित्याग किया है।

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