विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुष्कर्म पीडि़त नन ने आरोपियों को माफ किया

By manoj yadavEdited By:
Published: Mon, 16 Mar 2015 12:30 PM (IST)Updated: Tue, 17 Mar 2015 01:57 AM (IST)

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के गंगनापुर स्थित मिशनरी स्कूल में डकैती के विरोध पर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई ...और पढ़ें

News Article Hero Image

कोलकाता, जागरण संवाददाता। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के गंगनापुर स्थित मिशनरी स्कूल में डकैती के विरोध पर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई 70 वर्षीय नन ने आरोपियों को माफ कर दिया है। राणाघाट हॉस्पिटल में दर्द से कराह रहीं नन ने कहा, दिल में पीड़ा है, लेकिन उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए जिन्होंने उन पर बर्बर हमला किया है। इस बीच ईसाई समुदाय ने घटना के विरोध में रैली निकाली और कड़ी सजा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का वाहन रोक लिया और जमकर नारेबाजी की।

राणाघाट अस्पताल के अधीक्षक अतिंद्रनाथ मंडल ने कहा कि पीडि़त नन पूरे दिन स्कूल और वहां के विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताती रहीं। उनसे मिलने वालों की आंखों में भी तब आंसू छलक पड़ता है, जब वे दुष्कर्मियों को माफ कर देने की बात कहती हैं। हालांकि कानून अपना काम करेगा और आरोपियों को कड़ी सजा दी जाएगी। नन से मुलाकात के बाद रोम से आईं एक सिस्टर ने कहा, मैंने अपने जीवन में दुनिया में कहीं भी एक बुजुर्ग नन पर इस तरह के हमले के बारे में नहीं सुना। वहां भी नहीं, जहां युद्ध या संघर्ष चल रहा है।

सड़क पर उतरे हजारों लोग

घटना के प्रति एकजुटता दिखाते हुए रोमन कैथोलिक आर्कडियोसीज ऑफ कोलकाता की ओर से सोमवार को विशाल शांति जुलूस निकाला गया। पार्क स्ट्रीट से निकाली इस विशाल रैली का कोलकाता के आर्कबिशप थॉमस डिसूजा ने नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि हम अहिंसा और महिलाओं के प्रति सम्मान के महत्व को लेकर समाज में जागरूकता पैदा करना चाहते हैं। रैली में ईसाई समुदाय के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।

भीड़ ने रोका मुख्यमंत्री का काफिला

नदिया। सोमवार को राणाघाट पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को रोककर लोगों ने प्रदर्शन किया और नारे लगाए। करीब आधे घंटे तक वाहन में फंसे रहने के बाद मुख्यमंत्री पैदल ही अस्पताल तक पहुंची। बाद में भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। घटना के तीन दिन बाद भी बंगाल पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। पुलिस का अनुमान है कि वारदात में उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए एक टीम वहां रवाना की गई है।

'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आरोपी कहां हैं? उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है।' -ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

पढ़ेंः कलयुगी बाप ने किया बेटी के साथ दुष्कर्म, भेजा गया जेल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।