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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विदेश मंत्रालय ने कहा- घुसपैठ रोकने के लिए चीन के कदमों का इंतजार

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Published: Sat, 20 Sep 2014 06:58 PM (IST)Updated: Sat, 20 Sep 2014 07:00 PM (IST)

नई दिल्ली। लेह-लद्दाख के चुमार व दमचक क्षेत्रों में चीनी सैनिकों और नागरिकों की घुसपैठ खत्म करने पर भारत, चीन ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। लेह-लद्दाख के चुमार व दमचक क्षेत्रों में चीनी सैनिकों और नागरिकों की घुसपैठ खत्म करने पर भारत, चीन के कदमों की सावधानीपूर्वक प्रतीक्षा कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के समक्ष यह मुद्दा पूरी ताकत से उठाया था। दोनों नेताओं द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया के नतीजों का इंतजार है।

यह बात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन से शनिवार को पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कही। उनसे पूछा गया था कि जिनपिंग के समक्ष मामला उठाए जाने के बावजूद चुमार और दमचक में स्थिति जस की तस है। प्रवक्ता ने कहा-'कूटनीति कोई इंस्टेंट कॉफी नहीं है, यह अपने तरीके से काम करती है। जो लोग इससे वाकिफ नहीं हैं, उन्हें उसे समझने में कठिनाई होती है।' उन्होंने यह भी कहा कि आपको पता है कि भारत ने चीन की सर्वोच्च शक्ति के समक्ष यह मामला उठाया है और सार्वजनिक रूप से क्या कहा गया है, इसलिए प्रक्रिया को काम करने दीजिए। प्रधामनंत्री द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया के नतीजों का सावधानीपूर्वक इंतजार किया जा रहा है।

नए इलाके से घुसे चीनी

शनिवार को लद्दाख चुमार के नए इलाके से 50 और चीनी सैनिक घुस आए। प्रधानमंत्री मोदी के सख्त ऐतराज के बाद गुरुवार रात चीनी सैनिक लौट गए थे, लेकिन शुक्रवार-शनिवार को वे छोटे-छोटे समूहों में फिर लौट आए हैं। भारतीय सेना में भी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है।

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