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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

और गरम होगी हॉट सीट बनारस

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Published: Thu, 08 May 2014 08:39 AM (IST)

आठ मई तक करीब पचास हजार बाहरी लोगों के वाराणसी संसदीय क्षेत्र में पहुंचने की सूचना से खुफिया विभाग के ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। आठ मई तक करीब पचास हजार बाहरी लोगों के वाराणसी संसदीय क्षेत्र में पहुंचने की सूचना से खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए हैं। इंटेलिजेंस की गोपनीय सूचना के अनुसार सात मई तक बनारस में करीब तीस हजार बाहरी लोग पहुंच चुके थे। ये सभी इस हॉट सीट पर भाजपा अथवा आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करने आए हैं। पांच बार आतंकी हमले का शिकार हो चुकी अति संवेदनशील काशी में खुफिया विभाग को चिंता ये भी है कि इन पचास हजार लोगों में से कौन अराजक है या आतंकी, इसकी पहचान कैसे की जाए।

भीड़ में गुम अराजक चेहरों की तलाश में हाथ पांव मार रही स्थानीय पुलिस व खुफिया अधिकारियों की चिंता इस बात पर भी है कि इतनी बड़ी भीड़ या तो गांवों, कस्बों या शहर की कालोनियों में पनाह ले रही है अथवा छोटे होटलों या लाजों में। होटल या लाज खंगाल लेना तो फिर ठीक, हर घर, गांव, कस्बा कैसे खंगाला जाए।

वैसे भी भाजपा के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के चुनाव लड़ने से बनारस लोकसभा सीट वैसे ही हॉट हो चुकी है लेकिन अंतिम चरण आते-आते जिस प्रकार से नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है और शहर में लगातार बाहरी लोगों की भीड़ बढ़ रही है उससे पुलिस व प्रशासन के साथ ही खुफिया विभाग की टेंशन भी बढ़ने लगी है।

कई बार आतंकी हमले झेल चुकी काशी संवेदनशील शहरों में शुमार है। हालिया राजनीतिक माहौल की बात करें तो आप कार्यकर्ताओं के साथ जगह जगह बवाल हो रहा है। एक-दूसरे पर हमले करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। बनारस के चुनाव इतिहास में यह पहली बार है कि जब प्रचार-प्रसार के दौरान रोज मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे माहौल को देखते हुए इंटेलिजेंस के कान खड़े हो गए हैं। खुफिया तंत्र को आशंका है कि सात तारीख के बाद जब यहां बाहरी लोगों की भीड़ बढ़ेगी तब बवाल बढ़ सकता है। नगर के कुछ संवदेनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लोग पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ जहर उगलते हुए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

पुलिस प्रशासन बाहर से आने वाली भीड़ को लेकर परेशान है। परेशानी कम करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से फरमान भी जारी हो गया है कि दस तारीख के बाद होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस में बाहरी लोगों को न ठहराएं। प्रशासनिक अमले की टेंशन फिर भी कम नहीं क्योंकि खुफिया ने रिपोर्ट दी है कि बड़ी संख्या में बाहर से आए कार्यकर्ताओं ने अपना बोरिया-बिस्तर धीरे-धीरे स्थानीय कार्यकर्ताओं, समर्थकों के घर ले जाना शुरू कर दिया है।

हालांकि माहौल बिगड़ने न पाए इसके लिए पुलिस ने भी तैयारी कर रखी है। बीते चार दिनों से लगातार आइजी, डीआइजी और एसएसपी की अगुवाई में सेंट्रल फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है ताकि दबाव बना रहे। एसपी सिटी का कहना है कि जनपद में पर्याप्त फोर्स है। दस तारीख के बाद नगर में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर लोगों की जांच-पड़ताल की जाएगी।

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