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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का सुझाव स्वागतयोग्य : योगी आदित्यनाथ

By Manish NegiEdited By:
Published: Tue, 21 Mar 2017 05:17 PM (IST)Updated: Tue, 21 Mar 2017 09:57 PM (IST)

लोकसभा में बजट सत्र के दौरान भाषण के बाद बाहर निकले योगी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के सुझाव का स्वागत करते हैं।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का सुझाव स्वागतयोग्य : योगी आदित्यनाथ
राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का सुझाव स्वागतयोग्य : योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंक्षी योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के सुझाव स्वागत किया है। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान भाषण के बाद बाहर निकले योगी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के सुझाव का स्वागत करते हैं। दोनों पक्षों को मिल-बैठकर ही इसका फैसला करना करना चाहिए।

योगी ने कहा कि यूपी सरकार इस मामले में हरसंभव मदद के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को संवेदनशील और आस्था से जुड़ा बताते हुए पक्षकारों से बातचीत के जरिए आपसी सहमति से मसले का हल निकालने को कहा है। कोर्ट ने यहां तक सुझाव दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वो हल निकालने के लिए मध्यस्थता को भी तैयार है।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दोनों पक्ष मुद्दे को आपस में बैठकर सुलझाएं 

योगी ने संसद में की पीएम की तारीफ

योगी आदित्यनाथ आज सीएम बनने के बाद पहली बार लोकसभा में वित्त विधेयक की चर्चा में शामिल हुये। योगी इस दौरान हल्के मूड में दिखे। योगी ने कहा कि मैं पीएम के मूलमंत्र सबका साथ सबका विकास के जरिए प्रदेश को पीएम के सपनों का प्रदेश बनाने की कोशिश करुंगा।

योगी ने पीएम मोदी समेत वित्त मंत्री अरुण जेटली को अभिनंदन करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से भारत की अर्थव्यवस्था में जान फूंकी जा सकी। योगी के मुताबिक तीन साल में मोदी सरकार ने विकास दर बढा़यी। जिससे दुनिया भर में भारत का मान सम्मान बढ़ा।

योगी ने केंद्र की यूपीए सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसानों को मुआवजे के रूप में 1000 रुपए का चेक मिलता था। लेकिन खाता न होने की वजह से बैंक की ओर से उन्हें पहले हजार रुपए का खाता खोलने के लिए कहा जाता था। मोदी के पीएम बनने के बाद जनधन योजना के जरिए सरकार की ओर से आम आदमी के लिए जीरों बैलेंस में खाता खोला गया। 

जानें, अयोध्या मामले की पूरी कहानी जागरण की जुबानी

योगी के मुताबिक वर्ष 2019 से पहले गोरखपुर समेत तीन जगह फर्टिलाइजर के कारखाने शुरु हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम ने गोरखपुर को एम्स का तोहफा दिया। पीएम मोदी की ग्राम सड़क परियोजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के फोर लेन और सिक्स लेन सड़क बन सके। केंद्र की कामयाबियों के इतर योगी ने पिछली राज्य सरकार की कमियों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से यूपी को 78 हजार करोड़ रुपए दिये गये। लेकिन सरकार यह राशि खर्च करने में नाकाम रही। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो राशि पिछली सरकार खर्च नहीं कर पायी है। उसे हम उपयोग में लाएंगे और यूपी में विकास का एक नया ढांचा खड़ा करेंगे।

सीएम योगी ने कहा कि जब मैं पहली बार चुनकर संसद आया तो मेरी उम्र 26 वर्ष थी। तब से आज तक गोरखपुर में व्यापारियो के साथ लूटपाट, ह्त्या, महिलाओं के बलात्कार और अपहरण, दंगे जैसी कोई घटना नहीं हुयी। उन्होंने वादा किया कि गोरखपुर जैसी स्थिति पूरे उत्तर प्रदेश में लाएंगे। योगी के मुताबिक संसद में मुझे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। योगी ने कहा कि सामान्य शिष्टाचार क्या होता है। इसे संसद में सीखा जा सकता है। योगी ने अंत में कहा कि मेरी पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश का दायित्व दिया है। मैं वादा करता हूं कि यह पीएम मोदी के सपनों का प्रदेश होगा। मैं आप सबको यूपी में आमंत्रित करता हूं। 

राहुल-अखिलेश पर चुटकी 

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुटकुले अंदाज में कहा कि मैं अखिलेश यादव से एक साल बड़ा हूं। जबकि राहुल गांधी से एक साल छोटा हूं। मैं इन दोनों की जोड़ी के बीच में आ गया हूं। यह आपकी विफलता का एक कारण हो सकता है।

योगी के इस बयान पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐतराज जताया और योगी को अपने पद के मुताबिक व्यवहार करने की नसीहत दी। योगी ने कहा कि प्रदेश में बहुत कुछ बंद होने वाला है। 

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