यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तमिलनाडु विधानसभा में 20 सितंबर तक कोई शक्ति परीक्षण नहीं : HC
हाईकोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा में 20 सितंबर तक कोई शक्ति परीक्षण नहीं करने का आदेश दिया है।

चेन्नई, प्रेट्र। मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा में 20 सितंबर तक कोई शक्ति परीक्षण नहीं करने का आदेश दिया है।
जस्टिस एम. दुरईस्वामी ने गुरुवार को द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन और अन्नाद्रमुक से बाहर किए गए टीटीवी दिनाकरण के वफादार विधायक पी. वेतरीवेल की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के खिलाफ बगावत पर दिनाकरण के 19 वफादार विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया के चलते विधानसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य घोषित कर सकते हैं। यह बात बहुमत साबित करने की सूरत में मुख्यमंत्री के पक्ष में जा सकती है। स्टालिन की ओर से अदालत में पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष उन 19 विधायकों को अयोग्य घोषित करके रविवार को भी शक्ति परीक्षण करा सकते हैं। इसलिए उनके पास राहत के लिए अदालत आने का समय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शक्ति परीक्षण से पहले 48 घंटे का समय दिया जाए।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद के अधिकार क्षेत्र को चुनौती नहीं दी जा सकती। एक बार जब संवैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तब उसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। अदालत पूर्वानुमानों और पूर्वाग्रहों के आधार पर काम नहीं कर सकती।
