यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोट पाबंदी पर राज्यसभा में चर्चा के लिए तृणमूल का नोटिस
डेरेक ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि काले धन के जमाखोरों और भ्रष्ट लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ...और पढ़ें

कोलकाता, (जागरण संवाददाता)। नोटों को बंद करने के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा में बहस चाहती है। इसे लेकर पार्टी की ओर से गुरुवार को राज्यसभा में एक नोटिस दिया गया है। पार्टी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हमने राज्यसभा में एक नोटिस दिया है जिसमें 16 नवंबर को नियम 267 के तहत चर्चा करने की मांग की गई है।
डेरेक ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि काले धन के जमाखोरों और भ्रष्ट लोगों को दंडित किया जाना चाहिए लेकिन आम आदमी और गरीबों का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस व्यापक कदम के कार्यान्वयन के लिए एक उचित योजना बनानी चाहिए थी जिससे लाखों लोग विशेष कर मध्यम वर्ग और गरीब प्रभावित हुए हैं।
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ममता साध चुकी हैं निशाना
इससे पहले केंद्र सरकार के इस फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित करने की तुलना 'अघोषित अखिल भारतीय हड़ताल' से की थी और सरकार से जल्दबाजी में लिए गए इस निर्णय को वापस लेने की अपील की थी।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा था, 'कृपया लोगों को आपदा से बचाएं। सड़कें बंद हैं, बाजार बंद हैं, मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जा रहा है। करोड़ों प्रभावित हैं। हर तरफ अफरा-तफरी है। यह एक अघोषित अखिल भारतीय हड़ताल की तरह है।'
