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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई संदिग्ध आतंकी गतिविधियां

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Sun, 23 Oct 2016 09:53 PM (IST)Updated: Sun, 23 Oct 2016 10:06 PM (IST)

उर्दू और बांग्ला की सांकेतिक भाषा में अनधिकृत रूप से संवाद स्थापित करने की कोशिश हैम रेडियो की पकड़ में आई।

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता : भारत-बांग्लादेश सीमा पर संदिग्ध आतंकी गतिविधियां चलने की भनक मिली है। बांग्ला और उर्दू की सांकेतिक भाषा में आतंकियों के संवाद करने की भनक मिलने के बाद इस पर कड़ी निगरानी के लिए हैम रेडियो की दक्ष टीम को काम पर लगाया गया है।

इस तरह की संदिग्ध आतंकी गतिविधियां सबसे पहले जून में सीमावर्ती क्षेत्र बशीरहाट और सुंदरवन में हैम रेडियो की पकड़ में आईं। उर्दू और बांग्ला की सांकेतिक भाषा में अनधिकृत रूप से संवाद स्थापित करने की कोशिश हैम रेडियो की पकड़ में आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हैम रोडियो धारकों ने केंद्रीय एजेंसी को इस बारे में सूचित किया। इसके बाद केंद्र के निर्देश पर 23 हैम रेडियो से लैस एक दक्ष टीम को भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगाया गया है।

आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए घातक मानी जा रही हैं। बंगाल एम्योचर रेडियो क्लब के सचिव अमरिश नाग विश्वास ने कहा कि रेडियो के मार्फत जब संदिग्ध गतिविधियां चलने के संकेत मिलते हैं तो संबंधित व्यक्ति से बातचीत की कोशिश की जाती है, लेकिन दूसरी तरफ से तुरंत बातचीत बंद कर दी जाती है। कुछ देर बाद वे दूसरी जगहों पर उर्दू और बांग्ला की सांकेतिक भाषा में बातचीत शुरू कर देते हैं। विश्वास के मुताबिक रेडियो पर इस तरह की सांकेतिक भाषा में जो बात करते सुने गए हैं वे बांग्लादेशी हैं। रेडियो क्लब के सभी सदस्यों को सतर्क किया गया है।

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