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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साई भक्त और शंकराचार्य समर्थक आमने-सामने

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Published: Wed, 25 Jun 2014 11:25 AM (IST)Updated: Wed, 25 Jun 2014 11:29 AM (IST)

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिरडी के साईं बाबा को भगवान तुल्य न मानने को लेकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ...और पढ़ें

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिरडी के साईं बाबा को भगवान तुल्य न मानने को लेकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर छिड़ी बहस जारी है। इसको लेकर शंकराचार्य समर्थक और साईं भक्त आमने-सामने हैं। शंकराचार्य को मानने वाले उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं जबकि साईं भक्त उन्हें गलत ठहरा रहे हैं।

अवतारों में साईं बाबा नहीं

अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मंण महासभा के अध्यक्ष विकास दुबे ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बयान का स्वागत किया और कहा कि हिंदुओं के आराध्य भगवान विष्णु के 24 अवतारों में साईं बाबा का कहीं उल्लेख नहीं है। विदेशी ताकतें हिंदुओं को दिग्भ्रमित करने के लिए साईं बाबा को भगवान का दर्जा देकर मंदिर और ट्रस्ट बनवा रही हैं। आर्य उपप्रतिनिधि सभा के मंत्री अजेय कुमार मेहरोत्रा ने कहा कि धर्म के नाम पर चल रही अंधी आस्था पर विराम लगना चाहिए।

साईं ने सभी धर्मो को जोड़ा

साईं भक्त मंडल प्रयाग के सचिव डा. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदू अगर पत्थर में भगवान का स्वरूप देखते हैं तो साईं बाबा की भक्ति से गुरेज कैसा, जिन्होंने सभी धमरें को जोडऩे का कार्य किया है। राजेंद्र तिवारी 'दुकान जी' ने शंकराचार्य के बयान की निंदा की और कहा कि प्रचार पाने के लिए उन्होंने विवादित बयान दिया है।

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