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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुषमा की सऊदी में फंसे भारतीयों से अपील, '25 सितंबर तक भारत लौटें या ...'

By anand rajEdited By:
Published: Tue, 23 Aug 2016 07:05 PM (IST)Updated: Tue, 23 Aug 2016 07:57 PM (IST)

सुषमा स्वराज ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किये और सऊदी अरब में फंसे भारतीयों कर्मचारियों को वापस लौटने की अपील की।

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नई दिल्ली (प्रेट्र)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सऊदी अरब में नौकरी गंवा चुके भारतीय कर्मचारियों से हर हालत में अगले माह 25 सितंबर तक भारत लौट आने की अपील की है। सुषमा का कहना है कि अगर वह इस 32 दिन की अवधि तक नहीं लौटे तो उसके बाद अपने रहने, खाने और स्वदेश वापसी का इंतजाम उन्हें खुद करना होगा।

सुषमा स्वराज ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किये। उन्होंने कहा कि विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह बेरोजगार हुए भारतीय कर्मचारियों की परेशानियों को दूर करने के लिए दो बार सऊदी अरब गए हैं। मेरी सलाह है कि ऐसे सभी भारतीय कर्मचारियों को अपना दावा दर्ज कराना चाहिए और हर हालत में 25 सितंबर 2016 को अपने वतन लौट आएं।

हम उन्हें मुफ्त में वापस लाएंगे। जो लोग 25 सितंबर तक नहीं लौटेंगे, उन्हें अपने रहने, खाने और वापसी की यात्रा का खर्च खुद ही उठाना होगा।

गौरतलब है कि पिछले रविवार से अब तक सुषमा स्वराज की सऊदी अरब में फंसे भारतीय कर्मचारियों से दूसरी बार अपील की है। वहां भारतीय कर्मचारियों की नौकरी, कंपनियां बंद हो जाने के कारण चली गई है। सुषमा ने विगत रविवार को भी कहा था कि जब सऊदी सरकार इस मामले को बंद हो चुकी कंपनियों के साथ निपटा लेगी तब कर्मचारियों की बकाया रकम का भी भुगतान हो जाएगा। उन्होंने आग्रह करके कहा कि कर्मचारियों का बकाया वेतन मिलने में वक्त लगेगा और सऊदी अरब में अनिश्चितकाल तक रुकने का कोई तुक नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते वीके सिंह के सऊदी अरब के दौरे के बाद सऊदी सरकार बेरोजगार कर्मचारियों को उनका देश छोड़ने के लिए एनओसी देने और कंपनियों से उनका महीनों का बकाया वेतन दिलवाने को राजी हो गई थी।

सऊदी सरकार इस बात के लिए भी राजी हो गई थी कि नौकरी गंवा चुके भारतीय कर्मचारियों को सऊदी अरब में ही किसी दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर दिया जा सकता है। सऊदी अरब के नियमों के अनुसार कोई भी विदेशी कर्मचारी नियोक्ता के एनओसी के बिना देश नहीं छोड़ सकता। साथ ही विदेशी कर्मचारी नियोक्ता कंपनी की अनुमति के बगैर किसी दूसरी कंपनी में काम नहीं कर सकते।

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