यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राष्ट्रपति पद के लिए शिवसेना ने मोहन भागवत को बताया बेहतर उम्मीदवार
शिवसेना का कहना है कि राष्ट्रपति पद के लिए उनकी पार्टी की नजर में सबसे बेहतर उम्मीदवार संघ प्रमुख मोहन भागवत हैं।

मुंबई (प्रेट्र)। शिवसेना ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देश का दूसरा सबसे ताकतवर संगठन है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा कोई और उपयुक्त उम्मीदवार नहीं दिखाई दे रहा है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार की उम्मीदवारी पर उन्होंने कहा कि वैसे तो पवार साहब मोदी जी के गुरू हैं। वो ये नहीं बता सकते हैं कि किसी के दिल में क्या है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पार्टी और इसके सहयोगी भाजपा के बीच तनावपूर्ण संबंध हैं। शिवसेना ने पहले भी यह सुझाव दिया था कि मोहन भागवत को भारत का अगला राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए। हालांकि भागवत ने इस बात को खारिज करते हुए कहा था कि यदि इस पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव आता भी है तो वे इसे नहीं स्वीकार करेंगे। शिवसेना ने बताया कि राष्ट्रपति पद के लिए कुछ मजबूत प्रत्याशियों का पत्ता बाबरी केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कट सकता है। 1992 के बाबरी विध्वंस मामले में गत हफ्ते शीर्ष भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, जोशी और उमा भारती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने मामला दर्ज किया।
सेना ने अपने मुखपत्र सामना में आज बताया, ‘आडवाणी व जोशी भाजपा के प्रसिद्ध नेता हैं। पार्टी के गठन व योगदान में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी है। हालांकि पार्टी में नयी पीढ़ी के आ जाने के बाद उनके लिए अब अधिक काम नहीं है लेकिन राष्ट्रपति पद की रेस में उनके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।