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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिवसेना का मोदी पर वार, कहा- टूट के समय कहां था आदरभाव?

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Mon, 06 Oct 2014 10:54 AM (IST)Updated: Mon, 06 Oct 2014 11:20 AM (IST)

शिवसेना ने बाला साहेब ठाकरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदरभाव की भावना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ...और पढ़ें

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मुंबई। शिवसेना ने बाला साहेब ठाकरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदरभाव की भावना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन टूट रहा था तो यह भाव कहां था। शिवसेना ने साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान छत्रपति शिवाजी के नाम का प्रयोग किए जाने पर पार्टी विशेष पर भी निशाना साधा।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि 'शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे के प्रति अपने मन में आदर और श्रद्धा है उन्हें आदरांजलि स्वरूप शिवसेना पर हम टिप्पणी नहीं करेंगे, ऐसा नरेंद्र मोदी ने तासगांव की सभा में कहा। उनके मन में शिवसेना प्रमुख के प्रति आदर ही होगा तो अच्छा ही है। उसका स्वागत है।

हम भी नरेंद्र मोदी का आदर ही करते हैं। मात्र हिंदुत्व के धागे से बंधी और शिवसेना प्रमुख द्वारा 25 साल तक अभेद्य रखी गई शिवसेना-भाजपा युति इस बार ही क्यों टूटी? सिर्फ सीटों के बंटवारे को लेकर जब युति टूट रही थी उस समय शिवसेना प्रमुख के प्रति आदरभाव कहां खो गया था?

सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद न करते हुए, समझदारी दिखाकर शिवसेना-भाजपा युति अभेद्य रखी गई होती तो वही शिवसेना प्रमुख के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि साबित होती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए अब श्रद्धांजलि वगैरह कहने का मतलब, 'बूंद से गई..' ऐसा यदि मराठी मन में आया तो?'

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