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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब मुन्ना भाई को डेढ़ हजार रुपये में काटना होगा पूरा महीना

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Published: Thu, 16 May 2013 01:36 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 17 May 2013 09:11 AM (GMT+05:30)

अभिनेता संजय दत्त जेल जाने के लिए तैयार हो रहे हैं। बस कुछ ही देर में वे घर से निकल ...और पढ़ें

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मुंबई। अभिनेता संजय दत्त आखिरकार सलाखों के पीछे चले गए। जेल में अब संजय दत्त को कुछ इस तरह कानून के नियमों का पालन करना पड़ेगा।

अपराध का ब्यौरा: कोर्ट पहुंचने के साथ-साथ संजू बाबा को सजा की पर्ची दी जाएगी। उस पर्ची में उनके गुनाह का पूरा ब्यौरा दिया होगा। उसमें इस केस का नंबर भी होगा। इसके बाद कोर्ट एक वारंट तैयार करेगा जिसमें उन्हें किस जेल में भेजा जाएगा इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्हें मेडिकल जांच के अंतर्गत जेल भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीबन 2 घंटे लग जाएंगे।

फिंगरप्रिंट : जेल जाने से पहले दत्त के फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे। उन्हें वारंट की एक कॉपी दी जाएगी। उस कॉपी में जेल में उनको मुहैया कराए जाने वाले सभी सामानों की सूची होगी। उन्हें बिस्तर और कपड़े भी दिए जाएंगे।

शरीर की जांच : जेल जाने से पहले उनके शरीर की पूरी जांच की जाएगी। जेल के नियमों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वे अपने आम नागरिक वाले कपड़े पहन सकते हैं।

जेल के नियम : दत्त को नासिक सेंट्रल जेल में अपनी साढ़े तीन साल की सजा काटनी होगी। अगर जेल की सभी प्रक्रिया समय अनुसार खत्म हो जाती है तो उन्हें सीधे वहीं लेकर जाएंगे अगर नहीं तो उन्हें आर्थर रोड जेल में ही रात बितानी होगी। उसके बाद सहूलियत के हिसाब से उन्हें जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

पारिवारिक भेट : संजू बाबा को जेल में सजा काटने के दौरान अपने परिवार से महज 1500 रुपये ही मिलेंगे। जिससे उन्हें गुजारा करना होगा। इन पैसों से वे जेल की कैंटीन से कुछ नमकीन और अपने जरूरी सामान खरीद सकेंगे। वे महीने में एक बार 20 मिनट के लिए परिवार के पांच सदस्यों से एक साथ मिल सकेंगे।

यूनिफॉर्म: दत्त को जेल में कैदियों के रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने होंगे। जिसमें उनके पास क्या सामान है उसका पूरा ब्यौरा दिया हुआ होगा। जिसकी एक कॉपी जेल के पास और एक कैदी के पास होती है। इसके बाद उन्हें जेल के कपड़े दिए जाएंगे और उनके अपने कपड़े उनके परिवार वालों को सौंप दिए जाएंगे।

काम का भुगतान: उन्हें जेल में उनकी सजा के मुताबिक कुछ काम सौंपे जाएंगे। जैसे कारपेंटर का काम, बावर्ची का काम। लेकिन दत्त के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ना बहुत अच्छा लगता है इसलिए वे लाइब्रेरी में असिस्टेंट का काम संभालेंगे।

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