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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीबीआइ का दावा, 'घूस' का बंसल से रिश्ता

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Published: Tue, 07 May 2013 11:06 AM (IST)Updated: Tue, 07 May 2013 11:53 AM (IST)

रेलवे घूसकांड की जांच कर रही सीबीआइ इस बात से पूरी तरह आश्वस्त है कि रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला से बरामद

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नई दिल्ली। रेलवे घूसकांड की जांच कर रही सीबीआइ इस बात से पूरी तरह आश्वस्त है कि रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला से बरामद 90 लाख रुपये किसी न किसी रूप में मंत्री से ताल्लुक रखते थे। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि जांचकर्ता बंसल और उनके निजी स्टाफ से पूछताछ कर सकते हैं।

पढ़ें: राजनीति से लेकर मंत्रालय तक बंसल के रिश्तेदारों जमावड़ा

सीबीआइ सूत्रों ने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि सिंगला से बरामद रिश्वत की रकम मंत्री से संबंधित थे। साथ ही सूत्रों ने कहा कि बंसल के दोनों बेटों से भी पूछताछ की जा सकती है, जो थिऑन फार्मासूटिकल कंपनी चलाते हैं। इसमें विजय सिंगला भी पार्टनर है। गौरतलब है कि पहले रेल मंत्री ने अपने भांजे सिंगला से किसी भी तरह के कारोबारी रिश्ते से इन्कार किया है। अब तक इस मामले में नौ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

सूत्रों ने इसके साथ ही यह भी कहा है पैसे के स्त्रोत का पता चल गया है। रिश्वत की राशि रेलवे प्रोजेक्ट से जुड़ी एक कंपनी के माध्यम से आई थी। जांचकर्ता इस मामले से जुड़े लोगों के कॉल डिटेल का अध्ययन कर रहे हैं। इस डिटेल से केस की कड़ी को जोड़ने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि महेश कुमार को एक मई को रेलवे बोर्ड में स्टाफ सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया था लेकिन उनकी नजर इलेक्ट्रीकल सदस्य की कुर्सी पर थी। रेलवे इलेक्ट्रीकल उपकरण बनाने वाली कंपनी के पिरामिड इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन संदीप गोयल ने कुमार को आश्वस्त किया था कि वह जब तक इलेक्ट्रीकल सदस्य के रूप में उनकी बोर्ड में नियुक्ति नहीं हो जाती वह पश्चिम रेलवे व सिंग्नल टेलीकम्युनिकेशन के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे।

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