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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चौतरफा दबाव पर भी अड़े जस्टिस गांगुली

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Published: Tue, 17 Dec 2013 10:05 PM (IST)Updated: Tue, 17 Dec 2013 10:18 PM (IST)

इंटर्न छात्रा के साथ यौन शोषण आरोपों का सामना कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार गांगुली की ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, कोलकाता। इंटर्न छात्रा के साथ यौन शोषण आरोपों का सामना कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार गांगुली की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय महिला आयोग ने भी जस्टिस गांगुली को नोटिस जारी किया है, जिस पर जवाब देने के लिए गांगुली ने चार सप्ताह का समय मांगा है।

इतना ही नहीं कानून मंत्री कपिल सिब्बल व संसद में भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। बावजूद इसके जस्टिस गांगुली अपने रुख पर अड़े हैं और उन्होंने पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से साफ इन्कार किया है। चौतरफा दबाव के बीच मंगलवार को मीडिया के सवाल पर जस्टिस गांगुली भड़क उठे और कहा कि 'यह तुम्हारा काम नहीं है'। बाद में उन्होंने खुद फोन कर बताया कि मुझ पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। लेकिन संसदीय कार्यवाही पर मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।

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छेड़खानी के मामले पर गांगुली ने लिया संज्ञानखुद यौन शोषण आरोपों में फंसे बंगाल मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष व उनके कार्यालय ने हावड़ा जिले में एक लड़की के साथ हुई छेड़खानी की घटना को स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है। आयोग के रजिस्ट्रार रवींद्रनाथ सामंत ने कहा कि हावड़ा में हुई घटना की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों ने जांच का निर्देश दिया है। इसके लिए हावड़ा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को निर्देश दिया गया है।

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