यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पार्टी को ऋण जारी व माफ करने का अधिकार: सोनिया
एक राजनीतिक दल को अधिकार है कि वह किसी भी ऋण को जारी करे या माफ कर दे। यह दलील ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एक राजनीतिक दल को अधिकार है कि वह किसी भी ऋण को जारी करे या माफ कर दे। यह दलील मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र मामले में दी गई है। खंडपीठ ने मामले में सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय किया है।
नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र को कांग्रेस द्वारा फंड देने व एक नई कंपनी बनाकर इस समाचार पत्र की संपत्ति अधिकृत करने के मामले में निचली अदालत द्वारा सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी को समन जारी किया गया था।
उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति वीपी वैश की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान सोनिया की तरफ से दलील दी गई कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है। उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने तो अपनी पार्टी की नीति के अनुसार घाटे में चल रहे एक पब्लिसिंग हाउस को बचाने के लिए यह सब कदम उठाए थे।
सोनिया की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि निचली अदालत द्वारा उन्हें समन जारी करने के आदेश को रद कर दिया जाना चाहिए। इस मामले में जो आरोप लगाए गए हैं, वो बिना किसी सुबूत के हैं। सिब्बल ने शिकायतकर्ता भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया। दलील दी गई कि यंग इंडिया का रजिस्ट्रेशन कंपनी के सेक्शन 25 के तहत हुआ है। ऐसे में किसी शेयर होल्डर को कोई लाभ नहीं दिया जा सकता है। यह सारा पैसा दान में जाता है। नवंबर, 2013 में चुनाव आयोग ऐसी ही याचिका को खारिज कर चुका है, जिसमें मांग की गई थी कि कांग्रेस की मान्यता रद की जाए, क्योंकि उन्होंने एक निजी कंपनी को असुरक्षित लोन दिया है। मामले की सुनवाई के समय वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, रमेश गुप्ता व पूर्व एसजी हरेन रावल भी मौजूद थे।
इस मामले में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने भी याचिका दायर कर निचली अदालत द्वारा जारी समन के आदेश को रद करने की मांग की है। वहीं, गांधी की तरफ से कहा गया है कि स्वामी एक राजनीतिज्ञ हैं और राजनीति में फायदा उठाने के लिए यह मामला दायर किया गया है।
26 जून को इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट की महानगर दंडाधिकारी गोमती मनोचा ने सोनिया व राहुल के अलावा एआइसीसी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोहरा, जनरल सेक्रेटरी ऑस्कर फर्नाडीस, सुमन दूबे व एक अन्य को भी समन जारी किया था। इन सभी को सात अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया था। आरोप है कि यंग इंडियन लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई गई थी, जिसने नेशनल हेराल्ड की पब्लिशर एसोसिएटिड जरनल लिमिटेड को टेकओवर कर लिया है।
