विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हैलो, मैं हूं आईएसआई एजेंट लेकिन भारत में ही रहना चाहता हूं'

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Fri, 28 Apr 2017 07:28 PM (IST)Updated: Fri, 28 Apr 2017 09:27 PM (IST)

एक शख्स ने उस वक्त सबको चौंका कर रख दिया जब विमान से उतरने के बाद कहा- हैलो, मैं आईएसआई का एजेंट हूं लेकिन भारत में ही रहना चाहता हूं।

'हैलो, मैं हूं आईएसआई एजेंट लेकिन भारत में ही रहना चाहता हूं'
'हैलो, मैं हूं आईएसआई एजेंट लेकिन भारत में ही रहना चाहता हूं'

नई दिल्ली, प्रेट्र। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का नाम लेते ही उस शख्स की याद आती है जो भारत में लगातार साजिश रच दहशतगर्दी को हवा दे रहा है। आईएसआई का नाम सुनते ही लोग सामने वाले को शक की निगाहों से देखने लग जाते हैं। दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कुछ ऐसा ही नज़ारा शुक्रवार को देखने को मिला।

दुबई से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आए एक शख्स ने उस वक्त सबको चौंका कर रख दिया जब विमान से उतरने के बाद कहा- हैलो, मैं आईएसआई का एजेंट हूं लेकिन भारत में ही रहना चाहता हूं।पाकिस्तानी पासपोर्ट रखनेवाले मोहम्मद अहमद शेख मोहम्मद ने हवाई अड्डे के हेल्प डेस्क पर जाकर वहां काउंटर पर बैठी लेडी से बोला कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बारे में कुछ सूचनाएं साझा करना चाहता है।

उसके इतना सुनते ही काउंटर पर बैठी लेडी ने फौरन सुरक्षा अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी। जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे हिरासत में लेकर केन्द्रीय जांच एजेंसियों को सूचित किया। 38 वर्षीय रफीक दुबई से एयर इंडिया फ्लाइट के जरिए नई दिल्ली पहुंचा था और उसके बाद उसने काठमांडू के लिए फ्लाइट बुक करवाया था।

हालांकि, उसने आगे की फ्लाइट नहीं ली और यह फैसला किया कि वह अब आगे नहीं जाएगा। उसके बाद वह चलकर हेल्प डेस्क काउंटर पर पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में रफीक ने बताया कि वह उसका आईएसआई से संपर्क था लेकिन उसने अब यह फैसला किया है कि वह अब ये काम छोड़कर भारत में ही रहेगा। शेख मोहम्मद अज्ञात स्थान पर लेजाकर केन्द्रीय जांच एजेंसियों की तरफ से उसके बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

यह भी पढ़ें: घाटी में प्रोपेगेंडा वार में भारतीय एजेंसियों पर भारी आइएसआइ