यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक में हिंदू-मुस्लिम बच्चों के क्लास अलग-अलग
पाकिस्तान में हिंदुओं व सिखों के साथ क्या हो रहा है, यह उन चेहरों को देखने से बयां हो जाता ...और पढ़ें

अटारी, जागरण संवाददाता। पाकिस्तान में हिंदुओं व सिखों के साथ क्या हो रहा है, यह उन चेहरों को देखने से बयां हो जाता है जो हर दिन समझौता एक्सप्रेस से अपने पूरे परिवार के साथ भारत आ रहे हैं। सोमवार को पाकिस्तान से 41 लोग भारत आए।
अटारी रेलवे स्टेशन पर पिता श्रवण कुमार, मां सविता, दो बहनें निशा, सजना व दादा मनोहर लाल के साथ पहुंची छठी कक्षा की सिंधु ने मासूमियत से बताया- 'मैं दोनों बहनों के साथ शाइन मॉडल स्कूल, मीरपुर में पढ़ती हूं। स्कूल में हिंदुओं व मुस्लिम बच्चों की कक्षाएं अलग लगती हैं। सभी मुस्लिम शिक्षक हैं, हिंदू कोई नहीं। हिंदू संस्कृति व हिंदुओं का इतिहास नहीं पढ़ाया जाता। पाठ्यक्रम मुस्लिम विद्यार्थियों के हिसाब से ही तय हैं।' श्रवण कुमार का कहना है कि पाकिस्तान में हालात खराब हैं। बहू-बेटियों को उठाकर ले जाते हैं व जबरन धर्म-परिवर्तन करवाया जाता है। बेटियों के भविष्य के लिए भारत में ही रहना सही है। परिवार एक महीने के वीजे पर आया है। इस अवधि में रिश्तेदारों से मिलकर भारत में रहने की संभावनाओं को टटोलेंगे।
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