यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब कांग्रेस नेता ने की भागवत को राष्ट्रपति बनाने की पैरोकारी
कर्नाटक ही नहीं केन्द्र में एक समय कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे जाफर शरीफ के भागवत के समर्थन में पत्र लिखने के सियासी मायने हैं।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस में बढ़ रही राजनीतिक बेचैनी के बीच कर्नाटक के दिग्गज पार्टी नेता सीके जाफर शरीफ ने अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने की मुखर वकालत कर पार्टी को असहज कर दिया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जाफर शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भागवत को अगले राष्ट्रपति के लिए सटीक उम्मीदवार बताया है। संघ के विरोध की कांग्रेस की बुनियादी राजनीतिक विचाराधारा से उलट शरीफ ने इस मुखर वकालत के साथ भागवत के व्यक्तित्व की भी तारीफ की है।
कर्नाटक ही नहीं केन्द्र में एक समय कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे जाफर शरीफ के भागवत के समर्थन में पत्र लिखने के सियासी मायने हैं। इसीलिए कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता तरुण गोगोई ने तत्काल भागवत के पक्ष में की गई इस वकालत को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संघ की विचाराधारा के खिलाफ रही है और भागवत को शीर्ष पद पर बैठाने की किसी कोशिश का हम विरोध करेंगे। खास बात यह है कि शरीफ ने भागवत की पैरोकारी करते हुए पीएम को यह पत्र इसी हफ्ते दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में अपनी मेल-मुलाकातों के बाद की है।
शरीफ ने मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि मोहन भागवत की राष्ट्रभक्ति पर किसी को शंका नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में अलग-अलग राजनीतिक विचाराधारा का होना स्वाभाविक है और भागवत भी एक विचाराधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं। मगर जहां तक उनकी ईमानदारी और देश के प्रति निष्ठा का सवाल है तो इस पर किसी तरह की शक की गुंजाइश नहीं है। शरीफ ने इसी पैमाने पर भागवत को राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर उम्मीदवार बताया है।
कांग्रेस के लिए शरीफ का यह बयान असहज तो है ही साथ ही कर्नाटक की राजनीति के लिहाज से भी झटका है। शरीफ के इस बयान से पहले पार्टी के पूर्व दिग्गज एसएम कृष्णा ने अभी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था। कर्नाटक में अगले साल मई में विधानसभा चुनाव हैं और कांग्रेस से सत्ता छीनने की कोशिश में भाजपा पूरा जोर लगा रही है। ऐसे में पार्टी के अहम मुस्लिम चेहरों में शामिल रहे शरीफ का भागवत के पक्ष में बयान कांग्रेस की चुनौती बढ़ाएगा।
हालांकि शरीफ से पहले एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने की वकालत की थी। इस मांग से बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच मोहन भागवत ने राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए ऐसी चर्चा को मनोरंजन करार दिया था।
