यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्यपाल से मिल सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे नीतीश
बिहार की गरमाती सियासत में मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बीच बढ़ रही तकरार के बीच ...और पढ़ें

नई दिल्ली। बिहार की गरमाती सियासत में मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बीच बढ़ रही तकरार के बीच शनिवार को नीतीश को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह जल्द ही राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इस बीच मांझी ने कहा है कि वह इस्तीफा नहीं दे रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सदन में बहुमत साबित करने को भी तैयार हैं। राज्य में जदयू के अंदर चल रहे इस घमासान के बाद पार्टी में टूट तय हो गई है।
इस दौरान सियासी घमासान के बीच राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि बिहार विधानसभा भंग करने संबंधी कोई पत्र मुझे नहीं मिला है। शुक्रवार को दो मंत्रियों की बर्खास्तगी की अनुशंसा मिली थी, जिसे मान लिया। इस बीच मांझी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वह यहां पर नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। लेकिन वह आज ही पीएम से अलग से मुलाकात करेंगे। इसको उनके भाजपा में शामिल होने के संकेंतो के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश पहले ही उनपर यह आरोप लगा चुके हैं कि मांझी भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
