यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनआइटी श्रीनगर को स्थानांतरित करने की मांग पर अड़े विद्यार्थी
एनआईटी छात्रों के समर्थन में 12 राज्यों से आए 150 युवाओं के दल ने दिल्ली से श्रीनगर की यात्रा शुरू की। श्रीनगर में तिरंगा फहराने की भी योजना ।

श्रीनगर। एनआइटी श्रीनगर को किसी अन्य जगह स्थानांतरित किए जाने के सरकार के दो टुक इन्कार के बाद शनिवार को पुन: आंदोलनरत छात्रों के पांच प्रतिनिधियों की उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के साथ बैठक हुई।
इस बैठक में भी एनआइटी स्थानांतरण पर बात नहीं बनी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि हमने छात्रों की लगभग सभी मांगों को मान लिया है, इसलिए अब एनआइटी परिसर में हालात सामान्य हो जाने चाहिए। दूसरी ओर छात्रों ने कहा कि हमारी मुख्य मांग नहीं मानी गई है और जो मांग मानी भी गई है, वह इससे अलग है। इस बीच, गैर कश्मीरी छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और देर शाम गए तक निट निदेशक के कार्यालय के बाहर नारेबाजी व धरना जारी रहा। फिलहाल, परिसर के भीतर प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध व तनाव जारी है।
शुक्रवार रात को हुई बैठक के बाद भी एनआइटी परिसर में आंदोलनरत छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया। छात्र-छात्राएं एनआइटी परिसर में पूरी रात खुले आसमान के नीचे ही धरने पर डटे रहे। इस दौरान बारिश भी हुई और तापमान भी नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, लेकिन वह नहीं हटे। छात्रों के रातभर धरने पर ही बैठे रहने की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने शनिवार सुबह एक बार फिर उनके प्रतिनिधियों को अपने सरकारी निवास पर बुलाया। शक्रवार रात सात छात्र आए थे, शनिवार सुबह पांच आए। उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों से पुन: उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया। वह इस बात पर अडिग थे कि एनआइटी श्रीनगर से किसी सुरक्षित जगह स्थानांतरित होना चाहिए, क्योंकि यहां के हालात ठीक नहीं है।
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उपमुख्यमंत्री ने उन्हें कहा कि एनआइटी स्थानांतरित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह स्थानांतरित नहीं होगा। उनकी अन्य सभी मांगों को राज्य सरकार व निट प्रशासन पहले ही स्वीकार कर चुका है। इसलिए उन्हें अब अपना आंदोलन समाप्त करना चाहिए।
