यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पेंग्विन रखने वाला देश का पहला चिड़ियाघर बना भायखला
मंगलवार को यहां चिली और पेरू से हमबोल्ट पेंग्विन के आठ बच्चे लाए गए। इनमें तीन नर और पांच मादा हैं।

मुंबई। भायखला चिड़ियाघर पेंग्विन रखने वाला देश का पहला प्राणी उद्यान (जू) बन गया है। मंगलवार को यहां चिली और पेरू से हमबोल्ट पेंग्विन के आठ बच्चे लाए गए। इनमें तीन नर और पांच मादा हैं।
बृहनमुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने इन्हें लाकर चिड़ियाघर का आकर्षण बढ़ाने की कोशिश की है। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे "कुएं में गिरने" जैसा कदम करार दिया है। उनके अनुसार, यह अपव्ययी और अनावश्यक है। पेंग्विन बहुत कम तापमान वाले देशों में मिलते हैं।
बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया, "मुंबईवासी नवंबर से ही इनको देख सकेंगे, क्योंकि यहां के वातावरण और माहौल में ढलने में पेंग्विनों को अभी वक्त लगेगा। इन्हें 1700 वर्ग फीट के विशेष वातानुकूलित चैंबर में रखा गया है। शीतलन अवधि पूरी होने के बाद इन्हें पेंग्विन एक्जिबिशन सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां जनता देख सकेगी।"
बीएमसी के अनुसार, पेंग्विनों की उम्र एक से तीन साल तथा वजन एक से 2.5 किलोग्राम के बीच है।" इन्हें प्रतिदिन एक किलो मछली खिलाई जाएगी। चिकित्सकों की टीम चौबीसों घंटे नजर रख रही है।
इस बीच वन्यजीव विशेषज्ञ देबी गोयनका कहते हैं, "यह सही कदम नहीं। मैं जानवरों को बांधकर रखने के सिद्धांत के खिलाफ हूं। अन्य देशों से लाकर पेंग्विनों को यहां रखना अनावश्यक प्रयास है।"
सबसे पहले दर्शक ठाकरे बंधु
शिवसेना की युवा इकाई के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे और उनके भाई तेजस ठाकरे पेंग्विनों के सबसे पहले दर्शक बने। दोनों मंगलवार शाम भायखला चिड़ियाघर गए थे।
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