यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेटी का रेप करवाने वाली मां को मिली ये सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर कौर की अदालत ने मंगलवार को एक 14 वर्षीय लड़की के यौन शोषण के ...और पढ़ें

पंचकूला, जासं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर कौर की अदालत ने मंगलवार को एक 14 वर्षीय लड़की के यौन शोषण के लिए दो लोगों को 7-7 साल के सश्रम कारावास सजा सुनाई है। एक दोषी पीड़िता की मां है।
कुसुम नामक महिला के सुरेंद्र सिंह के साथ अवैध संबंध चल रहे थे। 10 साल पहले उसका पति उसको छोड़ गया था। नियमित रूप से सुरेंद्र सिंह उनके घर आता था, जब पहले वह किराए पर सूरजपुर में रहते थे। फिर वह लगभग दो साल पहले नाडा गांव में स्थानांतरित हो गए। यहां भी कुसुम से मिलने के लिए सुरेंद्र का आना-जाना लगा रहा।
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2011 में सुरेंद्र ने कुसुम की नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म करने की कोशिश की। पीड़िता ने अपनी मां कुसुम से शिकायत की, लेकिन उसने कहा कि चुप रहो और जो सुरेंद्र कहता है, करती रहो। इसके बाद सुरेंद्र ने उसके साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया और लगातार उसके घर आता रहा। सुरेंद्र नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के लिए आता था, तो कुसुम घर के बाहर बैठ जाती थी। उसने पुलिस को शिकायत करने की बात कही, तो उसे उसकी मां और सुरेंद्र ने धमकाया और कहा कि वे उसे मार डालेंगे। इसके बाद सुरेंद्र सिंह अगले दिन बिहार के लिए रवाना हो गया।
इसके बाद नाबालिग नाडा गांव से अपने घर से भागने में कामयाब हो गई और सेक्टर-7 में एक घर में नौकरानी के रूप में काम करने वाली अपनी एक रिश्तेदार को आपबीती उन्हें सुनाई और 6 मार्च 2013 को एफआइआर दर्ज हो गई। अदालत ने बच्चों के संरक्षण के यौन अपराध अधिनियम के तहत दोषी मां और उसके प्रेमी को सजा सुनाई।
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